हमीरपुर: योग दिवस का भव्य आयोजन, सीएम सुक्खू ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

हमीरपुर के अणु स्थित सिंथेटिक ट्रैक ग्राउंड में रविवार सुबह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयुष विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान आयुष विभाग द्वारा तैयार विशेष योग स्मारिका का भी विमोचन किया गया। योग सत्र में करीब दो हजार लोगों ने भाग लेकर विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। मुख्यमंत्री के साथ आयुष, विधि, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायक सुरेश कुमार, कैप्टन रंजीत राणा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती शर्मा, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
योगाभ्यास के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य विरासत है, जो स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आज पूरी दुनिया योग के महत्व को स्वीकार कर रही है और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रही है।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निचले हिमाचल में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जैसे जिलों में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश भविष्य में ‘खेलो इंडिया’ प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी पेश करेगा।
नशामुक्त हिमाचल अभियान का दूसरा चरण
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रहे ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभियान के दूसरे चरण में सरकार घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार योग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
सही तरीके से योग करना जरूरी
सुक्खू ने कहा कि योग केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन का भी साधन है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई योगासन देखने में आसान लगते हैं, लेकिन उन्हें सही ढंग से करना चुनौतीपूर्ण होता है। इसलिए योग का अभ्यास प्रशिक्षित मार्गदर्शन में और नियमित रूप से किया जाना चाहिए।
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