अगर निष्पक्ष चुनाव हों तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीतेगी: राहुल गांधी

HIGHLIGHTS
- कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए।
- उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के कई सांसद “वोट चोरी” के जरिए संसद पहुंचे हैं और यदि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं तो पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है।
- राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश में “वोट चोरी” के जरिए कभी एक सीट और कभी पूरी सरकार तक बदल दी जाती है।
- उन्होंने दावा किया कि भाजपा के लगभग हर छठे स…
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के कई सांसद “वोट चोरी” के जरिए संसद पहुंचे हैं और यदि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं तो पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश में “वोट चोरी” के जरिए कभी एक सीट और कभी पूरी सरकार तक बदल दी जाती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के लगभग हर छठे सांसद पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों का संकेत मिलता है।
भाजपा और हरियाणा सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने अपने बयान में भाजपा की शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोगों को “घुसपैठिया” कहा जाना चाहिए। उन्होंने हरियाणा सरकार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
चुनावी संस्थाओं पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है और मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों को स्वतंत्र होना चाहिए, वे राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा को सबसे ज्यादा डर सच और पारदर्शिता से लगता है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं, तो भाजपा को 140 सीटें भी हासिल करना मुश्किल होगा।
पहले भी लगाए थे चुनावी अनियमितताओं के आरोप
एक दिन पहले भी राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने इन परिणामों को “जनादेश की चोरी” बताते हुए भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया था।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का समर्थन करते हुए कहा था कि यह मुद्दा केवल किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
हाल के चुनाव परिणामों का संदर्भ
गौरतलब है कि हाल ही में घोषित चुनाव नतीजों में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की, जबकि असम में उसने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है।
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