‘दुनिया के मुकाबले भारत में सबसे कम बढ़े तेल के दाम’, भाजपा का कांग्रेस पर हमला

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि वैश्विक हालात के मुकाबले भारत में ईंधन कीमतों का असर काफी सीमित रहा है। वहीं, विपक्षी कांग्रेस पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया गया है।
भाजपा नेता Amit Malviya ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और आपूर्ति बाधाओं के चलते दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। उनके अनुसार कई महीनों तक ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जिसका असर लगभग सभी देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा।
मालवीय ने विभिन्न देशों के आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि अमेरिका, पाकिस्तान, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और म्यांमार जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 से लेकर 100 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। इसके मुकाबले भारत में यह बढ़ोतरी बेहद सीमित रही है।
उन्होंने कहा कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केवल लगभग 3 प्रतिशत से थोड़ा अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि सऊदी अरब को छोड़कर अधिकतर अर्थव्यवस्थाओं में आम जनता पर कहीं ज्यादा बोझ पड़ा है।
भाजपा नेता के अनुसार, भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला, जिससे आम लोगों को राहत मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि ईंधन की कीमतें सीधे महंगाई, परिवहन लागत, खाद्य आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स पर असर डालती हैं, इसलिए सरकार का संतुलित रुख जरूरी है।
इसी बीच भाजपा प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर परिस्थिति को राजनीतिक नजरिए से देखती है, जबकि मौजूदा समय में देश को आर्थिक स्थिरता और जिम्मेदार चर्चा की जरूरत है।
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