दिल्ली रैली में AI तस्वीर को लेकर कांग्रेस पर भड़के किरेन रिजिजू, भाजपा ने उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस पर कसा तंज।
- कांग्रेस सांसद वामसी गड्डम की पोस्ट की गई तस्वीर पर उठे सवाल।
- भाजपा ने रैली में 10 लाख लोगों के जुटने के दावे को बताया गलत।
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रैली में भीड़ दिखाने के लिए कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार तस्वीर साझा करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दिखाने के लिए कांग्रेस को AI से बनाई गई तस्वीरों का सहारा लेना पड़ा।
रिजिजू ने कांग्रेस सांसद वामसी गड्डम और पार्टी के अन्य नेताओं की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीर को साझा करते हुए एक्स पर लिखा, "रामलीला मैदान भरा हुआ दिखाने के लिए कांग्रेस पार्टी की फर्जी नैरेटिव टीम एआई से बनी फर्जी तस्वीर भी ठीक से नहीं बना पाई!"
भाजपा ने इंडिया ब्लॉक की रैली को बताया फ्लॉप शो
भाजपा ने रविवार को विपक्षी गठबंधन की रैली पर सवाल उठाते हुए इसे फ्लॉप शो करार दिया। पार्टी नेताओं ने रामलीला मैदान की खाली कुर्सियों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। भाजपा का दावा था कि रैली के दौरान मैदान का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था।
दरअसल, रैली से पहले कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया था।
भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने रविवार शाम कहा, "कांग्रेस ने 10 लाख लोगों के जुटने की बात कही थी, लेकिन मैदान का 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था।" उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि रैली में भीड़ अधिक दिखाने के लिए ट्रिक फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया गया। पात्रा ने कहा कि इस तरह की तरकीबें अपनाने से कोई प्रधानमंत्री नहीं बन जाता।
वहीं, भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस ने रैली स्थल के ड्रोन फुटेज और तस्वीरें साझा कीं। पार्टी ने इन तस्वीरों और वीडियो के जरिए प्रदर्शन में लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
रामलीला मैदान में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार की वजह से वोटों की चोरी हुई और 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था।
राहुल गांधी ने कहा, "यह वोटों की चोरी कोई सामान्य चोरी नहीं है। यह भारत की हर आवाज की चोरी है। इसे देशद्रोह कहा जाता है।"
उन्होंने दावा किया कि अगर ज्ञानेश कुमार नहीं होते तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन पाते। राहुल ने यह भी कहा कि अपनी भूमिका के लिए ज्ञानेश कुमार को जेल जाना पड़ेगा।
राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि चुनाव को अवैध बताने जैसे आरोप रामलीला मैदान से नहीं लगाए जाते। उन्होंने कहा कि चुनाव के तुरंत बाद इस संबंध में चुनौती दी जानी चाहिए थी। पात्रा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि 2024 के चुनाव को अवैध घोषित कराने के लिए उन्होंने कौन सी याचिका दाखिल की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जुटा विपक्ष
रविवार को रामलीला मैदान में हुई यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के लगातार चल रहे अभियान का हिस्सा थी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सामने आई कई मीडिया रिपोर्टों के बाद विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे।
रैली से एक दिन पहले शनिवार शाम को विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग की कार्रवाई भी की थी।
हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। दोनों का कहना है कि विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ गलत नैरेटिव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
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