लखनऊ: 50 हजार से अधिक बकाया पर तुरंत कटेगा बिजली कनेक्शन

HIGHLIGHTS
- अगर आपके घर या दुकान का बिजली बिल 50 हजार रुपये से ज्यादा बकाया है, तो आपकी बिजली कभी भी बंद हो सकती है।
- वर्टिकल सिस्टम ने बकायेदारों और उपकेंद्र कर्मियों के बीच कटे कनेक्शन को गुपचुप जोड़ने के मामलों को रोकने के लिए नई कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
- इसके तहत कलेक्शन टीम 2.25 लाख बकायेदारों से बकाया वसूली कर उनकी देनदारी को शून्य करने का लक्ष्य रख रही है।
- इन उपभोक्ताओं पर लगभग 75 करोड़ रुपये का बकाया है।
- सबसे पहले उन उपभोक्ताओं पर कार्रवाई होगी जिनका बकाया 50 हजार रुपये या उससे अध…
लखनऊ। अगर आपके घर या दुकान का बिजली बिल 50 हजार रुपये से ज्यादा बकाया है, तो आपकी बिजली कभी भी बंद हो सकती है। वर्टिकल सिस्टम ने बकायेदारों और उपकेंद्र कर्मियों के बीच कटे कनेक्शन को गुपचुप जोड़ने के मामलों को रोकने के लिए नई कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत कलेक्शन टीम 2.25 लाख बकायेदारों से बकाया वसूली कर उनकी देनदारी को शून्य करने का लक्ष्य रख रही है। इन उपभोक्ताओं पर लगभग 75 करोड़ रुपये का बकाया है।
सबसे पहले उन उपभोक्ताओं पर कार्रवाई होगी जिनका बकाया 50 हजार रुपये या उससे अधिक है, और जो पिछले छह महीने से बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। राजधानी में सोमवार से कलेक्शन टीम इन उपभोक्ताओं के घर और दुकानों पर दस्तक देगी। टीम बकायेदारों को बकाया राशि का बिल देकर तय समय में जमा करने का अल्टीमेटम देगी। निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर कनेक्शन काटा जाएगा। साथ ही, जो संविदा कर्मी कटे कनेक्शन को बिना बिल जमा किए जोड़ेंगे, उनकी नौकरी खतरे में होगी।
अमौसी जोन में सबसे ज्यादा 1.50 लाख बकायेदार हैं, जिनमें से 1.10 लाख पिछले छह महीनों से बिल जमा नहीं कर रहे। इनमें निगोंहा, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, अमेठी, सरोजनीनगर, बंथरा, काकोरी, रहीमाबाद, मलिहाबाद, माल और जेहटा के उपभोक्ता शामिल हैं।
फतेहगंज निवासी बी. लाल पर तीन लाख रुपये का बकाया है, लेकिन उनके घर की बिजली जल रही है। यह मामला कृपा फतेहगंज उपकेंद्र के कुछ संविदा कर्मियों से जुड़ा है, जिन्होंने कनेक्शन को सरकारी रिकॉर्ड में कटे दर्शा कर बिजली चालू रखी।
जोनवार 50 हजार रुपये से अधिक के बकायेदार इस प्रकार हैं:
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अमौसी: 9,821
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जानकीपुरम: 2,925
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गोमतीनगर: 1,576
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लखनऊ मध्य: 1,183
वर्टिकल सिस्टम में निर्बाध बिजली आपूर्ति उपकेंद्र के इंजीनियरों का काम है, जबकि बिल वसूली का जिम्मा कलेक्शन टीम का है। जो उपभोक्ता लगातार छह माह से बिल का भुगतान नहीं कर रहे, उनसे टीम वसूली करेगी। – योगेश कुमार, निदेशक (वाणिज्य), मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
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