महाराष्ट्र: बंधक कांड के बाद जांच तेज, मंत्री ने रोहित आर्य के शिक्षा विभाग से जुड़े काम की मांगी रिपोर्ट

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने पवई में बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्य के शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यों की जांच शुरू कर दी है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने विभाग से आर्य के सभी प्रोजेक्ट्स और लेन-देन से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
गौरतलब है कि 50 वर्षीय रोहित आर्य गुरुवार को पवई स्थित आर ए स्टूडियो में 17 बच्चों और दो वयस्कों को बंधक बनाने की घटना में सुरक्षाबलों की गोली से मारा गया था। बताया जा रहा है कि रोहित ने 10 से 12 वर्ष के बच्चों को वेब सीरीज़ के ऑडिशन के बहाने स्टूडियो बुलाया था। यह ऑडिशन छह दिनों से चल रहा था। तीन घंटे तक चले इस बंधक प्रकरण में पुलिस ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन मुठभेड़ में रोहित की मौत हो गई।
मंत्री दादा भुसे ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आर्य का “अप्सरा एंटरटेनमेंट नेटवर्क” नामक संगठन शिक्षा विभाग की स्वच्छता मॉनिटर पहल से जुड़ा था। इस प्रोजेक्ट के तहत वह स्कूलों से शुल्क लेकर भागीदारी सुनिश्चित करता था। भुसे ने कहा, “विभाग ने पहले भी उसके खिलाफ कार्रवाई की थी। अब हमने उसके पूरे कामकाज की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।”
इधर, पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने खुलासा किया कि उन्होंने पहले आर्य की आर्थिक मदद की थी। केसरकर ने बताया कि आर्य ने शिकायत की थी कि शिक्षा विभाग ने उसका भुगतान रोक दिया है। उन्होंने बताया, “आर्य ने छात्रों से वेबसाइट के माध्यम से पैसे लिए थे, जिस पर विभाग ने आपत्ति जताई थी। उसी समय मैंने उसे अस्थायी आर्थिक मदद दी थी।”
सरकारी अभिलेखों के अनुसार, 25 जनवरी 2024 को जारी आदेश में रोहित आर्य को “लेट्स चेंज प्रोजेक्ट” का निदेशक बताया गया था, जिसने 20 जुलाई से 2 अक्टूबर 2023 तक स्वच्छता मॉनिटर कार्यक्रम संचालित किया था।
यह पूरी घटना अब सरकार के रडार पर है, और शिक्षा विभाग से संबंधित उसके कार्यों की जांच रिपोर्ट जल्द मांगी गई है।





















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