देवेंद्र फडणवीस का ऑफिस मंत्रालय से एअर इंडिया बिल्डिंग में होगा शिफ्ट

HIGHLIGHTS
- महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस का कार्यालय मंत्रालय से एअर इंडिया बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा।
- नरीमन पॉइंट की 23 मंजिला बिल्डिंग में CM ऑफिस और अन्य सरकारी विभागों को जगह मिलेगी।
- इस शिफ्टिंग से सरकार को किराए के खर्च में करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है।
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कार्यालय राज्य सचिवालय (मंत्रालय) से मुंबई की प्रसिद्ध एअर इंडिया बिल्डिंग में स्थानांतरित किया जा रहा है।
नरीमन प्वाइंट के पास स्थित इस बिल्डिंग को एअर इंडिया के निजीकरण और टाटा ग्रुप द्वारा अधिग्रहण के बाद इसकी गैर-मुख्य संपत्तियों के साथ एअर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) को सौंपा गया था।
CM ऑफिस शिफ्ट होने से होगी बचत
महाराष्ट्र सरकार को दक्षिण मुंबई के प्रमुख क्षेत्रों में कार्यालयों के लिए जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा था। इसी वजह से पिछले महीने सरकार ने नरीमन पॉइंट स्थित समुद्र के किनारे बनी 23 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग को 1,601 करोड़ रुपये में खरीदा था।
मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ-साथ मंत्रालय के बाहर संचालित हो रहे सभी सरकारी विभागों को भी इसी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। सरकार को इस कदम से किराए के खर्च में करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है।
मंत्रालय में जगह की कमी के चलते लिया फैसला
महाराष्ट्र सरकार का मंत्रालय भवन वर्ष 1955 में बनाया गया था। लेकिन वर्तमान समय में यहां जगह की कमी के कारण सरकार को आसपास के इलाकों में करीब नौ लाख वर्ग फुट जगह किराए पर लेनी पड़ रही है।
इसी समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय को एअर इंडिया बिल्डिंग में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इस पूरी योजना को लेकर मुख्य सचिव की मौजूदगी में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
सबसे ऊपरी मंजिल पर बनेगा मुख्यमंत्री कार्यालय
योजना के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय एअर इंडिया बिल्डिंग की सबसे ऊपरी मंजिल पर बनाया जाएगा। वहीं कैबिनेट हॉल के लिए 22वीं मंजिल पर 13,363 वर्ग फुट जगह निर्धारित की गई है।
महाराष्ट्र के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री शिवेंद्रसिंह भोसले ने कहा कि एअर इंडिया बिल्डिंग का महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरण राज्य के प्रशासनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने पिछले महीने मालिकाना हक हस्तांतरण के दौरान कहा था कि इस बिल्डिंग को एक मॉडल सरकारी कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें गुणवत्ता, स्थिरता और नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।























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