मोदी ने की BSNL 4जी सेवा की शुरुआत, बोले- 'भारत हर क्षेत्र में होगा आत्मनिर्भर'

झारसुगुड़ा (ओडिशा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को झारसुगुड़ा में आयोजित जनसभा में कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में ओडिशा की जनता ने "विकसित ओडिशा" का संकल्प लिया था, और आज राज्य डबल इंजन सरकार की गति से तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने इस दौरान हजारों करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की शुरुआत की और बीएसएनएल की स्वदेशी 4जी सेवाओं का शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में अब तक चार करोड़ से अधिक परिवारों को पक्के मकान मिल चुके हैं, जबकि ओडिशा में भी आवास निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
मोदी ने कहा कि भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि पारादीप से झारसुगुड़ा तक औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। साथ ही जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 70 हजार करोड़ रुपये का पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिससे 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और लाखों रोजगार पैदा होने की संभावना है।
शिक्षा और कौशल विकास का जिक्र करते हुए पीएम ने "मेरिट" योजना की शुरुआत की घोषणा की। उनके मुताबिक, इस योजना के तहत तकनीकी शिक्षा संस्थानों पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे युवाओं को अच्छी शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश लूटतंत्र का शिकार था, जबकि भाजपा सरकार ने आम नागरिकों की बचत और कमाई दोनों बढ़ाई हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में जहां 2 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स देना पड़ता था, वहीं अब 12 लाख रुपये तक की कमाई टैक्स-फ्री है।
इस मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विशेष ध्यान हमेशा राज्य के विकास पर रहा है। उन्होंने नई परियोजनाओं जैसे अमृत भारत ट्रेन, कौशल विकास योजनाओं और सेमीकंडक्टर पार्क को राज्य के लिए बड़ी सौगात बताया।
कार्यक्रम में आठ राज्यों के मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री वर्चुअल माध्यम से जुड़े। साथ ही, प्रधानमंत्री ने अंत्योदय गृह योजना के तहत 50 हजार लाभार्थियों को स्वीकृति आदेश वितरित किए, जिनमें विधवाएं, दिव्यांगजन और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवार शामिल हैं।
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