जामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग पर तनाव, अनशन से हटाए गए छात्रों ने लगाए मारपीट के आरोप

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शनकारियों के अनुसार, करीब 100 सुरक्षाकर्मी सुबह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों को वहां से हटाया।
- छात्रों ने बाल खींचने और पेट पर मारने के आरोप लगाए, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया।
- शाम को करीब 300 छात्र दोबारा परिसर में दाखिल होकर हड़ताल शुरू करने की कोशिश करने पहुंचे।
दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाल करने की करीब 20 साल पुरानी मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। पिछले छह दिनों से अनशन पर बैठे छात्रों को हटाए जाने के बाद विश्वविद्यालय में तनाव बढ़ गया। छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। इस दौरान करीब छह छात्रों को मामूली चोटें आने की बात भी सामने आई है।
दोबारा हड़ताल करने पहुंचे करीब 300 छात्र
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 300 छात्र जुटे और दोबारा विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश कर भूख हड़ताल शुरू करने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कई छात्रों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। एहतियात के तौर पर पूरे परिसर की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। प्रशासन का कहना है कि दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया था। छात्रों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय के लगभग सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की तबीयत बिगड़ी
कुछ छात्र 12 अक्टूबर की शाम से गेट नंबर-7 के पास स्थित गुलिस्तान-ए-गालिब लॉन में प्रदर्शन कर रहे थे। इनमें से करीब पांच छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे। मोहम्मद जासिम और एविन की तबीयत अधिक बिगड़ गई थी।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 100 सुरक्षाकर्मी मस्जिद वाले गेट के पीछे से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। छात्रों के मुताबिक, उन्हें घसीटकर गेट नंबर-7 तक ले जाया गया और फिर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर बाल खींचने और पेट पर मारने के आरोप भी लगाए हैं।
गेट नंबर-7 पर फिर शुरू हुआ प्रदर्शन
घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद छात्रों ने दोपहर में गेट नंबर-7 पर दोबारा प्रदर्शन शुरू कर दिया। शाम को कुछ छात्र जबरन गेट के अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद एविन भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति और रजिस्ट्रार के पोस्टर लहराए और वीसी गेट तक मार्च निकाला। देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
तीन छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय की कार्रवाई
जामिया प्रशासन ने छात्र मोहम्मद जासिम पर छह महीने का कैंपस बैन लगाया है। उन पर 12 अक्टूबर को बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करने, सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने, गाली-गलौज, अनुशासनहीनता और अनुपस्थित रहने सहित कई आरोप लगाए गए हैं।
वहीं, बीए एलएलबी (ऑनर्स) के छात्र एविन को एक साल के लिए परिसर से प्रतिबंधित करने के साथ निलंबित भी किया गया है। छात्र रेहान को भी निलंबित किया गया है।
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