गर्मी के साथ प्रदूषण की डबल मार, मुजफ्फरनगर का AQI पहुंचा 239

मुजफ्फरनगर में भीषण गर्मी और उमस का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन हवा की गति कम होने के कारण लोगों को लगभग 46 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसाने वाली गर्मी का एहसास हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को हवा की रफ्तार घटकर लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई, जबकि मंगलवार को यह करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटा थी। हवा की गति कम होने से वातावरण में नमी और गर्मी दोनों बढ़ गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकले।

प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किलें
गर्मी के साथ-साथ वायु प्रदूषण ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 239 दर्ज किया गया, जो मंगलवार के 199 के मुकाबले काफी अधिक है। एक दिन में AQI में आई इस बढ़ोतरी ने हवा की गुणवत्ता को और खराब कर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।

गर्मी से राहत के लिए बदलती दिनचर्या
भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों जैसे लस्सी, शिकंजी, नींबू पानी, गन्ने का रस और आइसक्रीम का सहारा ले रहे हैं। वहीं कई लोग धूप से बचने के लिए गमछा, मास्क, टोपी और कपड़ों से चेहरा ढककर ही बाहर निकल रहे हैं।
एंटी स्मॉग गन से मिली थोड़ी राहत
बढ़ते तापमान और प्रदूषण को देखते हुए नगर पालिका की ओर से शिव चौक क्षेत्र में एंटी स्मॉग गन का संचालन किया गया। पानी की बौछार से कुछ देर के लिए लोगों को धूल और गर्मी से राहत मिली।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था केवल कुछ इलाकों तक सीमित न रहकर अन्य क्षेत्रों में भी नियमित रूप से लागू की जानी चाहिए, ताकि बढ़ते प्रदूषण और गर्मी से राहत मिल सके।
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