बरनाला स्टील फैक्टरी पर जीएसटी विभाग की छापेमारी, कंपनी निदेशक को मेरठ ले गई टीम

मुजफ्फरनगर। केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) महानिदेशालय की खुफिया शाखा (डीजीजीआई) ने सोमवार को वहलना स्थित बरनाला स्टील फैक्टरी पर छापेमारी की। टीम ने करीब पांच घंटे तक फैक्टरी परिसर में वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच की। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने कंपनी के निदेशक हाजी अमीर अहमद को पूछताछ के लिए मेरठ ले जाया गया।
सूत्रों के अनुसार, बीते कई महीनों से कंपनी को जीएसटी बकाया राशि जमा करने के लिए विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे थे। नोटिसों का जवाब नहीं मिलने पर डीजीजीआई की टीम ने सोमवार दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे फैक्टरी में दबिश दी। अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेज, बिलिंग पैटर्न और टैक्स भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले।
फर्जी बिलिंग गिरोह की जांच में खुलासा
कुछ माह पूर्व भरतिया कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति को जीएसटी खुफिया शाखा ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। आरोपी ने स्वीकार किया था कि उसने जिले की कई फैक्ट्रियों के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए थे। इस खुलासे के बाद कई औद्योगिक इकाइयां जांच के दायरे में आईं। बरनाला स्टील का नाम भी इन्हीं में शामिल बताया जा रहा है।
पिछले साल भी कई उद्योगों पर कार्रवाई
यह कोई पहला मामला नहीं है जब जिले में जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की हो। पिछले वर्ष राना स्टील समेत कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर डीजीजीआई की टीम ने छापेमारी की थी। उस दौरान भारी हंगामा भी हुआ था। इसी क्रम में इसी वर्ष अगस्त में सर्वोत्तम स्टील पर हुई छापेमारी में कंपनी निदेशक संजय जैन को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, बरनाला स्टील से मिली जानकारी के आधार पर अब अन्य औद्योगिक इकाइयों की जांच भी तेज की जा सकती है। डीजीजीआई टीम आने वाले दिनों में मेरठ में हाजी अमीर अहमद से लंबी पूछताछ कर टैक्स चोरी की रकम और नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों का पता लगाएगी।
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