केतन अग्रवाल मौत केस में नया दावा, वकील बोले– कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं

पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड लगातार नए मोड़ों के साथ चर्चा में बना हुआ है। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सिया गोयल की ओर से बचाव पक्ष ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर पुलिस अपने पास मजबूत तकनीकी और परिस्थितिजन्य सबूत होने का दावा कर रही है, जिससे केस और उलझता नजर आ रहा है।
सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने दावा किया है कि पुलिस के पास उनकी मुवक्किल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत या चश्मदीद गवाह मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और इस समय ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है जो सिया को सीधे तौर पर दोषी साबित करता हो।
वकील के अनुसार, सिया जांच में पूरा सहयोग कर रही है और उनका उद्देश्य है कि सच्चाई सामने आए तथा अदालत में निष्पक्ष रूप से मामले की सुनवाई हो।
दूसरी तरफ, पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि जांच में कई महत्वपूर्ण डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार सिया गोयल और उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के बीच पिछले छह महीनों में लगातार संपर्क रहा था। इस दौरान दोनों के बीच 2,000 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई, जबकि कुल कॉल ड्यूरेशन लगभग 238 घंटे दर्ज की गई है। कई कॉल्स लंबी अवधि तक चलने की बात भी सामने आई है।
पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मुताबिक, इतनी अधिक कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज से यह संदेह गहराता है कि केतन अग्रवाल की मौत एक दुर्घटना नहीं बल्कि किसी साजिश का परिणाम हो सकती है।
गौरतलब है कि 18 जून को 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले के पास गिरने से मौत हो गई थी। वह अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ वहां घूमने गए थे। घटना के बाद से ही पुलिस विभिन्न एंगल से मामले की जांच कर रही है।
पुणे ग्रामीण के डिप्टी एसपी गजानन तोमपे ने बताया कि जांच टीम कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और अब सिया के परिवार के सदस्यों सहित अन्य करीबियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
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