मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ के दौरान शातिर चोर घायल, 30 किलो एल्युमिनियम तार बरामद

HIGHLIGHTS
- पुलिस के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट की बाइक देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की।
- कच्चे रास्ते पर बाइक फिसलने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग की।
- जवाबी फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी।
मुजफ्फरनगर में कोतवाली नगर पुलिस ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे मुठभेड़ के दौरान एक शातिर चोर को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, ग्राम सादपुर रजवाहे के पास चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की प्लेटिना बाइक सवार युवक को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही आरोपी बाइक मोड़कर भागने लगा।
पुलिस टीम ने आरोपी का पीछा किया तो वह बाइक लेकर कच्चे रास्ते की ओर भागा। तेज रफ्तार के कारण बाइक फिसलकर गिर गई। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इसके बाद उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई, लेकिन वह लगातार फायरिंग करता रहा।
जवाबी फायरिंग में घुटने के नीचे लगी गोली
पुलिस के अनुसार, आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में बदमाश के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
तमंचा, कारतूस और 30 किलो एल्युमिनियम तार बरामद
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शाहरुख उर्फ बावला पुत्र तरीकत, निवासी मैनापुट्ठी, थाना सरूरपुर, मेरठ के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की प्लेटिना बाइक और करीब 30 किलो एल्युमिनियम तार मय कोइल बरामद की है।
बिजली चोरी के दो मामलों से जुड़ा है तार
पुलिस के मुताबिक, बरामद एल्युमिनियम तार और कोइल कोतवाली नगर में दर्ज बिजली चोरी के दो मामलों से संबंधित हैं। इन मामलों में विद्युत अधिनियम की धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर दोनों मामलों के अनावरण का दावा किया है।
मेरठ-मुजफ्फरनगर में दर्ज हैं 38 मुकदमे
पुलिस के अनुसार शाहरुख उर्फ बावला का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत विभिन्न थानों में करीब 38 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और विद्युत अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस ने उसे थाना सरूरपुर, मेरठ का हिस्ट्रीशीटर भी बताया है।
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