ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान का कुछ नहीं बिगड़ा: जयराम रमेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि भारत की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उस तरह अलग-थलग नहीं पड़ा, जैसा 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद देखा गया था। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अमेरिका की भूमिका और बयानों पर सरकार ने स्पष्ट रुख नहीं अपनाया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि 10 मई 2025 को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने युद्धविराम की पहली औपचारिक घोषणा की थी, जिसमें यह भी कहा गया था कि यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्तक्षेप से संभव हुआ। जयराम रमेश के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में कई बार इस बात को दोहराया, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री की ओर से इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
कांग्रेस नेता ने सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के एक बयान का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर शुरुआती चरण में कुछ सामरिक गलतियों के कारण भारत को नुकसान की बात स्वीकार की गई थी, हालांकि बाद में रणनीति में सुधार कर प्रभावी जवाबी कार्रवाई की गई।
इसके अलावा, कांग्रेस ने जकार्ता में भारतीय रक्षा अटैची के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान लगाए गए कुछ प्रतिबंधों के कारण भारत को कुछ लड़ाकू विमानों का नुकसान उठाना पड़ा था। पार्टी ने यह भी दावा किया कि एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान को चीन से व्यापक सैन्य और तकनीकी सहायता मिलने की बात कही थी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इन सबके बावजूद केंद्र सरकार का चीन के प्रति रुख नरम बना हुआ है और लद्दाख में गश्त अधिकारों, व्यापारिक संबंधों और निवेश नीतियों को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं।
पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के बाद सरकार ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा समिति गठित की थी, जिसने पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण कर सुधार के सुझाव दिए थे। कांग्रेस ने संकेत दिया कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी इसी तरह की स्वतंत्र समीक्षा की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा, हालांकि 10 मई को सैन्य स्तर पर बातचीत के बाद संघर्षविराम पर सहमति बनी थी।
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