पाकिस्तानी वायुसेना की ‘भूल’ बनी मौत का मंजर, 30 नागरिक बमबारी में ढेर

इस्लामाबाद। खैबर पख्तूनख्वा के तिराह घाटी में सोमवार सुबह पाकिस्तान वायुसेना की एक एयर स्ट्राइक से बड़ा हादसा हो गया। आतंकियों को निशाना बनाने निकली वायुसेना के हमले में बम नागरिकों के घरों पर गिर पड़े, जिससे कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना में 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि पाकिस्तान वायुसेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ऑपरेशन के दौरान हुई चूक?
सूत्रों के मुताबिक, सोमवार तड़के चीन निर्मित जे-17 विमानों से आतंकियों पर बमबारी की जा रही थी। इसी दौरान कुछ बम आवासीय इलाकों पर गिर गए। घटना ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय मीडिया ने भी इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।
लगातार आतंकी हमलों से परेशान सेना
खैबर क्षेत्र में इस साल अगस्त तक 700 से ज्यादा आतंकी हमले हो चुके हैं, जिनमें 258 से अधिक जवानों की जान गई। इसे देखते हुए पाकिस्तानी सेना ने डेरा इस्माइल खान और बाजौर सहित बॉर्डर इलाकों में विशेष अभियान शुरू किया है। सोमवार को ही सेना ने डेरा इस्माइल में सात आतंकियों को मार गिराने का दावा किया था। तिराह घाटी में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन वहां की गलती ने नागरिकों की जान ले ली।
टीटीपी की बढ़ती चुनौती
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को देश का सबसे खतरनाक आतंकी संगठन माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पास छह हजार से ज्यादा लड़ाके और दस से अधिक प्रशिक्षण शिविर हैं। खैबर, जो अफगानिस्तान की सीमा से लगा इलाका है, टीटीपी का गढ़ माना जाता है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान से आतंकियों को समर्थन मिलता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी जुड़ी
यह इलाका पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का सियासी गढ़ माना जाता है। मौजूदा समय में यहां उनकी पार्टी की सरकार है। इमरान और सेना के बीच लगातार तनाव को देखते हुए सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हमला मात्र एक ‘गलती’ थी या फिर इसके पीछे कोई और वजह छिपी है।
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