पीएम मोदी-मर्ज शिखर वार्ता: भारत-जर्मनी के बीच हुए 20 समझौते और 7 एमओयू पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच अहमदाबाद में हुई द्विपक्षीय शिखर बैठक ने भारत और यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया है। दोनों नेताओं ने वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए रक्षा, आर्थिक क्षेत्र, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग पर सहमति जताई।
पिछले साल सत्ता संभालने के बाद मर्ज ने एशिया दौरे के लिए सबसे पहले भारत का चुनाव किया, जो भारत-जर्मनी संबंधों के महत्व का संकेत है। वहीं पीएम मोदी ने अपने गृह नगर अहमदाबाद में उनका स्वागत कर द्विपक्षीय एजेंडे पर हस्ताक्षर किए। बैठक में दोनों देशों ने 20 संयुक्त घोषणाओं और सात सहमति पत्रों पर दस्तखत किए, जो आपसी विश्वास और सहयोग की मजबूती को दर्शाते हैं।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और वैश्विक मुद्दे
बैठक में रक्षा और व्यापारिक सहयोग के साथ-साथ यूक्रेन, ईरान और वेनेजुएला जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने पर जोर दिया। इसी महीने भारत-ईयू फोरम में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की संभावना भी चर्चा का हिस्सा रही, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है।
प्रमुख घोषणाएँ और रणनीतिक कदम
रक्षा उद्योग सहयोग: नया रोडमैप तैयार होगा, जो संयुक्त विकास और उत्पादन पर केंद्रित होगा।
आर्थिक साझेदारी: दोनों देशों के बीच सीईओ फोरम गठित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग: सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग स्थापित होगा।
ग्रीन हाइड्रोजन और बायोइकोनॉमी: जलवायु परिवर्तन से निपटने में दोनों देशों की प्रतिबद्धता बढ़ाई जाएगी।
वीजा सुविधा: जर्मनी भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा देगा।
सुरक्षा सहयोग: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय वायुसेना और नौसेना अभ्यास, सैन्य बंदरगाह यात्राएं और नए परामर्श प्रारूप शुरू होंगे।
पीएम मोदी बोले- सहयोग को नई गति
पीएम मोदी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “हम पर्यावरण, ऊर्जा और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन में हमारा नया मेगा प्रोजेक्ट भविष्य की ऊर्जा के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। हम सुरक्षित और विश्वसनीय सप्लाई चेन के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। ये समझौते हमारे सहयोग को नई दिशा देंगे।”
जर्मनी के चांसलर मर्ज ने वैश्विक स्थिरता पर दिया जोर
चांसलर मर्ज ने कहा कि वे ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था चाहते हैं जिसमें देश स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से काम कर सकें। उन्होंने रूस के यूक्रेन पर हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि वैश्विक शक्ति राजनीति और पुरानी सोच से व्यवस्था कमजोर हो रही है। मर्ज ने रक्षा उद्योगों के बीच निकट सहयोग और संयुक्त विकास, उत्पादन व वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस शिखर वार्ता के दौरान हुए समझौते ऐसे समय में हुए हैं जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं का सामना कर रही है। इस महीने के अंत में भारत-ईयू सम्मेलन में एफटीए पर सहमति बनने के बाद भारत-जर्मनी व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। भारत बहुपक्षीय वैश्विक व्यवस्था में यूरोपीय देशों को रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी अगले महीने भारत दौरे पर आ रहे हैं, जिससे भारत-यूरोप सहयोग और गहरा होने की उम्मीद है।
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