राउत के ट्रंप पोस्ट पर सियासत गरम, भाजपा ने कहा– देश को कर रहे बदनाम

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा ने राउत पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “राजनीतिक जोकर” करार दिया और आरोप लगाया कि वे भारत की लोकतांत्रिक छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो संदेश में कहा कि संजय राउत और कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते हुए देश की छवि को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह एक राजनीतिक रणनीति है जिसके जरिए भारत के लोकतंत्र पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
पूनावाला ने आगे कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया को लेकर दुनिया में सकारात्मक राय है, लेकिन विपक्ष लगातार गलत नैरेटिव फैलाने में लगा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि हालिया चुनाव परिणामों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और यहां तक कि ट्रंप से जुड़ी कथित बधाइयों का भी उल्लेख किया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब चुनाव परिणाम विपक्ष के पक्ष में नहीं आते, तो वे संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
इस बीच, संजय राउत ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों को लेकर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने उन दावों पर सवाल उठाए थे, जिनमें कहा जा रहा था कि डोनाल्ड ट्रंप ने भाजपा की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है। राउत ने इसे भारत के आंतरिक लोकतांत्रिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप जैसा बताया और इसे अनुचित करार दिया।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मतदान के दौरान डर, दबाव और प्रशासनिक पक्षपात जैसी शिकायतें सामने आई हैं। राउत के अनुसार, चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं और कई जगहों पर निष्पक्षता को लेकर संदेह जताया गया है।
राउत ने यह भी कहा कि केंद्रीय बलों की तैनाती ने कई क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच भरोसा बढ़ाने के बजाय असहज माहौल पैदा किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के आरोपों का हवाला देते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी असली ताकत निष्पक्ष और भरोसेमंद चुनाव प्रक्रिया में है। राउत ने मांग की कि उठाए गए गंभीर मुद्दों की जांच की जानी चाहिए, न कि उन्हें नजरअंदाज किया जाए।
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