मखियाली गांव में प्रदूषण से हाहाकार, ग्रामीणों ने लगाए “मकान बिकाऊ है” के पोस्टर

मुज़फ्फरनगर। जिले के मखियाली गांव में औद्योगिक प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई परिवारों ने अपने घरों के बाहर “मकान बिकाऊ है” के पोस्टर लगा दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास स्थित फैक्ट्रियों से निकलने वाला दूषित पानी और जहरीला धुआं लगातार उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। उनका आरोप है कि इस कारण गांव में गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं और जीवन जीना मुश्किल होता जा रहा है।
बीमारियों और पलायन का डर बढ़ा
ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी कई लोग प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। हाल ही में कैंसर से पीड़ित किसान जितेंद्र के गांव छोड़ने के बाद यह मुद्दा और अधिक गंभीर हो गया है।

लोगों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अधिकारी केवल मौके पर आकर जांच और आश्वासन देकर लौट जाते हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।
नाराज ग्रामीणों ने लिया सामूहिक निर्णय
लगातार अनदेखी से नाराज होकर ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर बैठक कर सामूहिक पलायन का निर्णय लिया है। कई परिवारों ने अपने घरों पर “मकान बिकाऊ है” लिखकर विरोध जताया है।
इस बीच भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेता Manish Tomar और Ravi Panwar मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
हालांकि ग्रामीण अब किसी भी आश्वासन पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वर्षों से केवल वादे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और उनका जीवन संकट में है।
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