राम मंदिर में ध्वजारोहण की तैयारियाँ पूरी, श्रद्धालु और संत उत्साह में डूबे

अयोध्या। 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह को लेकर रामनगरी में उत्साह और श्रद्धा का माहौल व्याप्त है। देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि संत महंत और नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किए जाने की खुशी में सराबोर हैं।
शहर में जय श्रीराम के उद्घोष गूंज रहे हैं और श्रद्धालु नृत्य करते हुए उत्सव मना रहे हैं। ध्वजारोहण के दिन आम भक्तों का मंदिर में प्रवेश बंद रहेगा, जबकि 26 नवंबर को सामान्य श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी सुबह 9:30 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन हेलीकॉप्टर तैनात हैं, जिनमें से एक में पीएम मोदी होंगे और दो सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। हेलीकॉप्टर से लगभग 12 किलोमीटर दूर साकेत महाविद्यालय में लैंडिंग के बाद सड़क मार्ग से जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वार (वीआईपी गेट नंबर 11) से राम मंदिर में प्रवेश करेंगे।
सुरक्षा और सजावट के व्यापक इंतजाम युद्धस्तर पर किए गए हैं। रामपथ पर दोहरे स्तर की बैरिकेडिंग और 12 स्थानों पर पुष्प वर्षा की व्यवस्था की गई है। सात जगह सांस्कृतिक मंच सजाए गए हैं, जहां लोक कलाकार गीत, नृत्य और वादन से स्वागत करेंगे। साकेत महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर 501 वैदिक आचार्य और बटुक स्वस्ति वाचन करेंगे।
प्रधानमंत्री राम मंदिर परिसर में सप्त ऋषि मंदिर और शेषावतार मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद बटन दबाकर मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण किया जाएगा और देश के नाम संबोधन देंगे। दोपहर 1:30 बजे के करीब पीएम मोदी अयोध्या से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
रामपथ पर सुरक्षा व्यवस्था और सजावट इतनी भव्य है कि यह पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगी। काफिले के मार्ग पर कोई भी व्यक्ति फुटपाथ से रामपथ पर प्रवेश नहीं कर सकेगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर अयोध्या शहर ने पूरी तरह से उत्सव और श्रद्धा के रंग में रंगा है।
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