नलगोंडा में स्कूल प्रिंसिपल की हत्या का खुलासा, 10वीं के दो छात्र गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- पुलिस के अनुसार, हत्या की योजना करीब पांच दिन पहले बनाई गई थी
- दोनों ने कथित तौर पर इलाके की रेकी और सीसीटीवी की जानकारी जुटाई
- दोनों नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया
हैदराबाद। नलगोंडा जिले में एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल और डायरेक्टर रूपा रेड्डी की उनके घर में हत्या के एक सप्ताह से अधिक समय बाद पुलिस ने उसी स्कूल के 10वीं कक्षा के दो छात्रों को पकड़ा है। आरोप है कि रूपा ने उनमें से एक को अपने घर से चोरी करते हुए पकड़ लिया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
11 अगस्त को रूपा अपने घर में अकेली थीं और मृत पाई गई थीं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें 27 बार चाकू मारा गया था। रूपा की अपनी मौसी के साथ हुई आखिरी फोन बातचीत से पुलिस को अहम सुराग मिला। पुलिस ने बताया कि फोन बंद होने से कुछ समय पहले मौसी से बातचीत के दौरान रूपा ने ‘बाबू’ शब्द कहा था।
पुलिस ने जांच का एंगल बदला
जांचकर्ताओं ने पाया कि ‘बाबू’ शब्द का इस्तेमाल अक्सर छात्रों को संबोधित करने के लिए भी किया जाता है। इसके बाद पुलिस ने स्कूल के छात्रों की संभावित भूमिका की जांच शुरू की। रूपा और उनकी दिनचर्या से परिचित लोगों, जिनमें छात्र और स्कूल स्टाफ शामिल थे, से पूछताछ की गई।
दो छात्रों पर हुआ शक
जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि हत्या के बाद 10वीं कक्षा के दो छात्र अचानक काफी पैसे खर्च करने लगे और दोस्तों के साथ पार्टी करने लगे। नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार ने बताया कि इसी वजह से दोनों पर शक हुआ और बुधवार सुबह दोनों नाबालिगों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने एक नाबालिग के पास से 1.51 लाख रुपये नकद और एक आईफोन बरामद किया। शुरुआत में उसने दावा किया कि पैसे उसे उसके माता-पिता ने दिए थे। हालांकि, एसपी के अनुसार, नकदी की फोरेंसिक जांच में इंसानी खून के निशान मिले।
पुलिस के मुताबिक, दोनों लड़कों को शराब पीने की आदत थी। इनमें से एक को बाइक और कार चलाने का शौक था और वह जल्दी पैसा कमाना चाहता था।
करीब 15 दिन पहले रूपा की नजर में आया था नाबालिग
जांच में सामने आया कि हत्या से करीब 15 दिन पहले वह नाबालिग रूपा की नजर में आया था। आरोप है कि प्रिंसिपल और स्कूल के कुछ स्टाफ सदस्यों ने उसे एक बैग में मोबाइल फोन और नकदी ले जाते हुए पकड़ा था।
उसे डांटने के बाद रूपा ने कथित तौर पर उसे हॉस्टल से हटाने और केवल नियमित कक्षाओं में शामिल होने की अनुमति देने का फैसला किया था। पुलिस के मुताबिक, उसके माता-पिता को भी उसके व्यवहार की जानकारी दी गई थी।
पुलिस को शक है कि इसी घटना के कारण नाबालिग ने रूपा के घर को निशाना बनाने की योजना बनाई। उसे लगा था कि 11 अगस्त को स्कूल में फीस जमा होने के कारण रूपा के घर में काफी नकदी हो सकती है।
हत्या से पांच दिन पहले बनाई कथित योजना
पुलिस के अनुसार, हत्या की कथित योजना करीब पांच दिन पहले बनाई गई थी। दोनों नाबालिगों ने पकड़े जाने से बचने के लिए दस्ताने और चाकू का इंतजाम किया था। उन्होंने इलाके की रेकी भी की थी और सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन का पता लगाया था।
11 अगस्त को कथित तौर पर एक नाबालिग कंपाउंड की दीवार फांदकर रूपा के घर में दाखिल हुआ, जबकि दूसरा बाहर इंतजार करता रहा। घर में घुसे नाबालिग ने कथित तौर पर नकदी तलाशनी शुरू की। उस समय रूपा फोन पर बात कर रही थीं और उन्होंने उसे घर के अंदर देख लिया।
पुलिस के मुताबिक, इस डर से कि रूपा उसे पहचान लेंगी और चोरी की शिकायत पुलिस में कर देंगी, नाबालिग ने कथित तौर पर चाकू से उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि उसने रूपा को 27 बार चाकू मारा और करीब 2.5 लाख रुपये नकद लेकर वहां से भाग गया।
हत्या के बाद नाबालिग ने कथित तौर पर सबूत मिटाने के लिए अपने पहने हुए कपड़े एक नाले में फेंक दिए।
दोनों नाबालिगों को पकड़ लिया गया है और उन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार, उन्हें जुवेनाइल होम भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
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