कप्तानी मिलने के बाद श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान, बोले- मैं जैसा हूं, वैसा ही रहूंगा

भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने साफ कहा है कि कप्तानी मिलने के बाद भी वह अपने स्वभाव और खेल के तरीके में किसी तरह का बदलाव नहीं करेंगे। उनका मानना है कि नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के लिए किसी और की नकल करने की जरूरत नहीं होती।
31 वर्षीय अय्यर को शनिवार को भारतीय टी20 टीम की कमान सौंपी गई, जिसके साथ उन्होंने सूर्यकुमार यादव की जगह ली है। सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में टी20 विश्व कप में भारत को खिताब दिलाया था।
“अपनी पहचान बदलने की जरूरत नहीं” — अय्यर
एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत में श्रेयस अय्यर ने कहा, “मुझे अपनी पहचान बदलने की जरूरत नहीं है। मैं जैसा हूं, वैसा ही रहूंगा। किसी और की तरह बनने या उसकी छाया में रहने की कोई आवश्यकता नहीं है।”
मुंबई क्रिकेट ने दिया मजबूत आधार
अय्यर ने अपने क्रिकेट करियर में मुंबई की अहम भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वहां का प्रतिस्पर्धी माहौल उन्हें लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता रहा है।
उन्होंने कहा, “मुंबई में हर खिलाड़ी टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करता है। यहां की प्रतिस्पर्धा ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने और चुनौतियों को स्वीकार करने की सीख दी है।”
जीत की मानसिकता पर जोर
नए कप्तान ने कहा कि उनके लिए जीत हमेशा सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। उन्होंने बताया कि खेल का आनंद लेने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धी मानसिकता रखना एक खिलाड़ी को अलग स्तर पर ले जाता है।
श्रेयस अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम की कप्तानी उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी के साथ-साथ एक रोमांचक चुनौती भी है।
आयरलैंड सीरीज से होगी कप्तानी की शुरुआत
अय्यर अब आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टी20 सीरीज में पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे। उन्होंने दिसंबर 2023 में अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था, जिसके बाद वे टीम से बाहर हो गए थे। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने वापसी की और अब टीम की कमान संभालने जा रहे हैं।
गांगुली ने किया समर्थन
पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी श्रेयस अय्यर की नियुक्ति का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अय्यर ने अपने प्रदर्शन के दम पर यह जिम्मेदारी हासिल की है।
गांगुली ने यह भी कहा कि चयनकर्ताओं ने यह फैसला सोच-समझकर लिया है और टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे निर्णय लेना जरूरी होता है।
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