ईमान और तालीम से ही मिलती है सफलता: मौलाना मदनी

शामली जिले के कांधला क्षेत्र के गढ़ी दौलत स्थित मदरसा जामिया बदरुल उलूम में बुधवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। इस मौके पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान मौलाना महमूद मदनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने समाज सुधार और शिक्षा को लेकर प्रभावशाली भाषण दिया। कार्यक्रम में मदरसे के कई छात्रों की दस्तारबंदी भी की गई।
ईमान और तालीम को बताया सफलता की कुंजी
मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि यदि इंसान ईमानदारी और नेक नियत के साथ जीवन बिताए, तो सफलता स्वयं उसके कदम चूमती है। उन्होंने शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज की प्रगति के लिए तालीम अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगर फिजूल खर्ची और अनावश्यक रस्मों पर रोक लगाई जाए, तो प्रत्येक परिवार अपने बच्चों को शिक्षा के लाभ से भरपूर बना सकता है।
दहेज और अनावश्यक रस्मों के खिलाफ संदेश
मौलाना ने कहा कि आजकल शादी और अन्य खुशियों के अवसरों पर ऐसे रिवाज अपनाए जा रहे हैं, जो इस्लाम की शिक्षाओं के विपरीत हैं। उन्होंने दहेज प्रथा और गैरजरूरी खर्चों के खिलाफ लोगों को सजग रहने और सादगी अपनाने की अपील की।
फसाद नहीं, माफी है असली कमाल
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आपसी झगड़े और फसाद करना कोई उपलब्धि नहीं है, बल्कि माफ करना और भाईचारे के साथ रहना असली बहादुरी है। उन्होंने समुदाय से अमन और आपसी समझदारी बनाए रखने का आग्रह किया।
नशा और सामाजिक बुराइयों पर चिंता
जलसे में मौलाना मुफ्ती अफ्फान ने कहा कि आज के नौजवान नशे की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जो समाज के लिए गंभीर खतरा है। वहीं मौलाना अब्दुल मालिक मुगेसी ने तालीम की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि दीन और दुनिया दोनों में तरक्की के लिए शिक्षा आवश्यक है।
दस्तारबंदी और विशेष दुआ के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में 21 छात्रों की दस्तारबंदी की गई। जलसे का संचालन हजरत मौलाना मोहम्मद आकिल ने किया, जबकि निजामत मौलाना मुफ्ती तैय्यब ने संभाली। अंत में देश में अमन, चैन और भाईचारे के लिए विशेष दुआ कराई गई। इस अवसर पर मौलाना मुफ्ती इमरान, मौलाना हारून, मौलाना सादिक, कारी दिलशाद, मास्टर शाह आलम, मौलाना तौकीर, मौलाना उमर और बड़ी संख्या में छात्र तथा स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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