राजनीति में गिर रहा है बातचीत का स्तर: खरगे के 'अनपढ़' वाले बयान पर थरूर की प्रतिक्रिया

केरल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सिर्फ 48 घंटे दूर है। चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने भाजपा और सत्ताधारी एलडीएफ पर तीखे शब्दों में निशाना साधा।
राजनीति में बातचीत का स्तर गिर रहा: थरूर
थरूर ने हाल ही में मल्लिकार्जुन खरगे के 'गुजरात के अनपढ़ लोग' वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में संवाद का स्तर लगातार नीचे गिर रहा है और नेताओं को अपनी भाषा संयमित रखने की जरूरत है। थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्हें उन लोगों जैसी अपमानजनक भाषा अपनानी नहीं चाहिए जो राजनीतिक बहस को तिक्त बनाते हैं।
भाजपा को वोट देने का कोई फायदा नहीं
कांग्रेस सांसद ने भाजपा पर भी कटाक्ष किया और मतदाताओं से कहा कि भाजपा को वोट देना व्यर्थ है क्योंकि राज्य में उनकी सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है। थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की अपील केरल में ज्यादा असर नहीं डालेंगी। फिलहाल विधानसभा में भाजपा का कोई विधायक नहीं है और कुछ सीटें जीत भी जाएं, तो भी यह सरकार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। उनका मानना है कि भाजपा को वोट देने से केवल एलडीएफ को फायदा होगा।
एलडीएफ और भाजपा के बीच 'गुप्त समझौते' का आरोप
थरूर ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और सीपीआई-एम के बीच एक छुपा समझौता है। उनका कहना था कि सीपीआई-एम सत्ता बनाए रखने के लिए कांग्रेस को हराना चाहती है, वहीं भाजपा कांग्रेस को कमजोर करके केंद्र में विपक्षी ताकतों को सीमित करना चाहती है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि धर्मनिरपेक्षता के मुद्दों पर कांग्रेस और वामपंथी साथ हो सकते हैं, लेकिन यूडीएफ ही वह विकल्प है जो केरल को अनुभवी और प्रभावी शासन प्रदान कर सकता है।
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