दीपावली का असली अर्थ है हर वर्ग तक खुशियों की रोशनी पहुंचाना: सीएम योगी

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को कारसेवकपुरम पहुंचे, जहां उन्होंने संतों के साथ बैठक की और दीपावली मिलन कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान सीएम ने संतों का सम्मान किया और उनके साथ अल्पाहार ग्रहण किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कारसेवकपुरम स्थित गौशाला में गायों को गुड़, चना और केला खिलाकर गौसेवा का संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब समाज कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करता है, तो आत्मसंतुष्टि खतरनाक हो सकती है। उन्होंने चेताया कि ऐसे समय में समाज और राष्ट्र विरोधी तत्व सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए सजग रहना आवश्यक है। योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर आज जब श्रीरामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं, हमारा कर्तव्य और भी बढ़ गया है। हमें समाज के हर तबके को जोड़ना होगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपावली जैसे पर्व का महत्व तभी है जब हम अपनी खुशियों में समाज के अंतिम व्यक्ति को भी शामिल करें। उन्होंने बताया कि रामलला और हनुमानगढ़ी दर्शन के बाद वे अयोध्या के उन लोगों से मिले जो शहर की स्वच्छता और सेवा में लगे हैं। उन्होंने निषाद बस्ती में जाकर मिठाई वितरित की और कहा कि “भगवान श्रीराम ने भी निषादराज को गले लगाया था और शबरी के जूठे बेर खाकर समाज में समानता और कृतज्ञता का संदेश दिया था।”
सीएम ने कहा, “यदि आज हम समाज को जोड़ने का कार्य करेंगे, तो रामराज्य की स्थापना कोई नहीं रोक सकता। यही आत्मनिर्भर भारत और रामराज्य की सच्ची परिकल्पना है।”
मुख्यमंत्री ने संत समाज से आग्रह किया कि दीपावली के अवसर पर वे जरूरतमंदों तक मिठाई और दीपावली का उजाला पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व केवल घरों तक सीमित न रहे, बल्कि इसकी रोशनी समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि न्यास के महासचिव चंपत राय, वरिष्ठ प्रचारक पुरुषोत्तम नायक, गोपाल जी और अन्य स्वयंसेवकों का आभार जताया। साथ ही, उन्होंने राम कथा पार्क के पास आयोजित कार्यक्रम में नगर निगम के 150 सफाई कर्मचारियों और 50 नाविकों को सम्मानित कर उपहार प्रदान किए।
सीएम ने कहा, “इन कर्मठ लोगों के प्रयास से अयोध्या स्वच्छ और भव्य बन रही है। दीपावली की शुभकामनाओं के साथ मैं सभी को धन्यवाद देता हूं। जय श्रीराम।”
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