उपेंद्र कुशवाहा के लिट्टी-चोखा भोज में 3 विधायक गैरहाजिर, पार्टी में उठी नाराजगी

पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के पटना स्थित आवास पर बुधवार को आयोजित लिट्टी-चोखा भोज में पार्टी के तीन विधायक शामिल नहीं हुए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जो विधायक भोज में नहीं पहुंचे, वे माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह हैं।
तीनों विधायकों ने इससे पहले पटना में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी। पार्टी के अंदर की राजनीति के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा अपनी पत्नी को विधायक दल का नेता बनाना चाहते थे। लेकिन विधायकों की नाराजगी को देखते हुए यह जिम्मेदारी माधव आनंद को सौंपी गई।
पार्टी में नाराजगी का कारण कुशवाहा परिवार के प्रति प्राथमिकताएं मानी जा रही हैं। इससे पहले भी पार्टी के कई इकाइयों को भंग करने के निर्णय से नाराजगी बढ़ी थी। रामेश्वर महतो लंबे समय से उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें मंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन इसके बजाय कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया। वहीं, कुशवाहा की पत्नी को विधायक का टिकट देकर पार्टी के भीतर पुत्रमोह की चर्चाओं को बल मिला।
रामेश्वर महतो ने इस नाराजगी को सोशल मीडिया पर भी जाहिर किया था। उन्होंने फेसबुक पर लिखा था कि राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सच्ची नीयत और दृढ़ नीति से मिलती है। जब नेतृत्व की नीयत धुंधली हो और नीतियां जनहित की बजाय स्वार्थ की दिशा में मुड़ें, तब जनता को भ्रमित नहीं रखा जा सकता। आज का नागरिक हर कदम, निर्णय और इरादे को बारीकी से परखता है।
इस भोज और उसके पीछे की राजनीतिक सरगर्मियों ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अंदर चल रही असंतोष की स्थिति को फिर से उजागर कर दिया है।
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