TMC नेताओं पर बढ़ता संकट: कहीं सिर मुंडवाया गया, कहीं साड़ियों के ढेर से गिरफ्तारी

कोलकाता में सत्ता परिवर्तन के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई और विरोध का सिलसिला तेज होता दिख रहा है। कहीं नेताओं की गिरफ्तारी हो रही है तो कहीं उन्हें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
टीएमसी नेता को जूतों की माला पहनाकर घुमाया
हावड़ा जिले के अमरदहा गांव में टीएमसी नेता संन्यासी मान्ना के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे वसूलता था।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कथित तौर पर उसे पकड़कर सिर मुंडवाया और जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे भीड़ से सुरक्षित निकालकर जांच शुरू कर दी।
छापेमारी में साड़ियों के ढेर के नीचे छिपा आरोपी गिरफ्तार
हावड़ा के आमता इलाके में पुलिस ने 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामले में वांछित टीएमसी कार्यकर्ता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए एक घर में साड़ियों के ढेर के नीचे छिपा मिला, जहां छापेमारी के दौरान उसे पकड़ लिया गया। विपक्ष का दावा है कि उसके खिलाफ कई मामलों में शिकायतें पहले से लंबित थीं।
कई नेताओं पर कार्रवाई और विरोध
इसी बीच पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी से पूर्व टीएमसी विधायक सुकुमार हाजरा को एक महिला के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
वहीं कोलकाता नगर निगम के वार्ड 39 के पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन को नाबालिग से जुड़े यौन उत्पीड़न और रियल एस्टेट मामलों में गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ लंबे समय से शिकायतें दर्ज थीं।
इसी तरह, कथित वसूली के आरोप में एक अन्य पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
जनता के विरोध में बढ़ी नाराजगी
नदिया जिले के नवद्वीप में नगरपालिका चेयरमैन बिमल कृष्ण साहा को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, जहां नागरिकों ने क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई।
इसके अलावा, कामारहाटी से टीएमसी विधायक मदन मित्रा के वाहन पर अंडे फेंके जाने की भी घटना सामने आई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि जनप्रतिनिधि स्थानीय समस्याओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बिहार के मधुबनी से टीएमसी के पूर्व प्रत्याशी कैलाश मिश्रा की गिरफ्तारी भी चर्चा में रही, जिन पर वसूली, धमकी और मारपीट जैसे मामलों में कई एफआईआर दर्ज थीं।
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