ऊना: पीर निगाह जा रहे श्रद्धालुओं का मालवाहक वाहन खाई में गिरा, करीब 50 घायल

HIGHLIGHTS
- श्रद्धालुओं का जत्था रविवार को पीर निगाह पहुंचा था।
- श्रद्धालु पानीपत, फतेहाबाद और हरियाणा के अन्य क्षेत्रों से आए थे।
- मंगलवार सुबह वाहन माता नैना देवी और श्री आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हुआ था।
ऊना। हरियाणा के करनाल जिले के इंद्री से उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीर निगाह में माथा टेकने पहुंचे श्रद्धालुओं का जत्था मंगलवार सुबह हादसे का शिकार हो गया।
पीर निगाह मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर उतराई में 14 टायर वाला मालवाहक वाहन चालक के नियंत्रण से बाहर होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। हादसे में करीब 50 श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। घायलों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार पानीपत, फतेहाबाद और हरियाणा के अन्य क्षेत्रों से श्रद्धालु रिश्तेदारों के साथ जत्थे में रविवार को पीर निगाह पहुंचे थे। श्रद्धालुओं ने यहां माथा टेकने के साथ लंगर भी लगाया।
इसके बाद मंगलवार सुबह उन्हें माता नैना देवी और श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेकने के बाद घर लौटना था। इसी दौरान पीर निगाह मंदिर से कुछ दूरी पर उतराई में चालक मालवाहक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और वाहन खाई में जा गिरा।
राहगीरों ने घायल श्रद्धालुओं की मदद की
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। निजी वाहनों और 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस थाना ऊना की टीम भी मौके पर पहुंची और घायलों के बयान दर्ज करने शुरू किए।
घायल रमेश कुमार ने बताया कि श्रद्धालु हरियाणा के अलग-अलग क्षेत्रों से एक साथ पीर निगाह आए थे। उन्होंने हादसे के बाद मौके पर मची अफरा-तफरी और राहत कार्य की जानकारी दी।
दो हफ्ते पहले भी हुआ था हादसा
गौरतलब है कि पीर निगाह मार्ग पर मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं के सफर का यह पहला मामला नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले भी मालवाहक वाहन पलटने से हादसा हुआ था, जबकि इससे कुछ दिन पहले भी ऐसे वाहन लोगों की जान जोखिम में डाल चुके हैं।
बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद मालवाहकों में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है। इससे पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.