विक्रमशिला सेतु पर भारी वाहनों की एंट्री पर बवाल, 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड

HIGHLIGHTS
- विक्रमशिला सेतु, जिसे भागलपुर की जीवनरेखा माना जाता है, बेली ब्रिज के सहारे किसी तरह वाहनों के आवागमन के लिए चालू रखा गया है।
- हालांकि यातायात की गति काफी धीमी है, लेकिन इसके बावजूद लोगों की आवाजाही जारी है।
- इसी बीच पुल से भारी वाहन गुजरने का एक वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
- वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
- हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, क्योंकि यह सेतु केवल एक पुल न…
भागलपुर। विक्रमशिला सेतु, जिसे भागलपुर की जीवनरेखा माना जाता है, बेली ब्रिज के सहारे किसी तरह वाहनों के आवागमन के लिए चालू रखा गया है। हालांकि यातायात की गति काफी धीमी है, लेकिन इसके बावजूद लोगों की आवाजाही जारी है। इसी बीच पुल से भारी वाहन गुजरने का एक वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, क्योंकि यह सेतु केवल एक पुल नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसके बंद होते ही भागलपुर और आसपास के इलाकों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो जाती है।
भारी वाहनों पर रोक की उठी मांग
शहर के नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस पुल से भारी वाहनों की आवाजाही किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि पुल के दोनों ओर स्थायी धर्मकांटा (वजन मापने की मशीन) लगाया जाए, ताकि कोई भी ओवरलोड वाहन पुल पर प्रवेश न कर सके।
साथ ही सुझाव दिया गया है कि आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ा जाए, जिससे पुल पर 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित हो सके।
शहर के लोगों की राय
भागलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव पुनीत चौधरी का कहना है कि विक्रमशिला सेतु के बंद होने से व्यापार पर सीधा असर पड़ता है और शहर की आर्थिक रफ्तार थम जाती है। इसलिए वाहनों की जांच के बाद ही उन्हें पुल पर अनुमति मिलनी चाहिए।
वहीं दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अभय घोष सोनू ने कहा कि यह पुल केवल भागलपुर ही नहीं बल्कि पूरे सीमांचल के विकास की धुरी है, इसलिए इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिक्षाविद् राजीव कांत मिश्रा ने सुझाव दिया कि धर्मकांटा के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती जरूरी है, ताकि जांच के दौरान जाम की स्थिति न बने और यातायात सुचारु रहे।
पूर्व ट्रक एसोसिएशन अध्यक्ष पप्पू मिश्रा ने कहा कि सबसे पहले पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, उसके बाद ही वाहन परिचालन पर निर्णय लिया जाए।
वहीं पेट्रोल पंप संचालक सुमन ने बताया कि पुल बंद होने या बाधित रहने से ईंधन आपूर्ति प्रभावित होती है और परिवहन लागत भी बढ़ जाती है, जिससे आम जनता पर असर पड़ता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
स्थानीय लोगों का मानना है कि विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने और क्षेत्र की आवाजाही एवं अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.