दिग्गज युद्ध संवाददाता पीटर अर्नेट का निधन, 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

वियतनाम के धान के खेतों से लेकर इराक के तपते रेगिस्तानों तक युद्ध की भयावहता को दुनिया के सामने रखने वाले, पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार पीटर अर्नेट का बुधवार को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने कैलिफोर्निया के न्यूपोर्ट बीच स्थित अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके पुत्र एंड्रयू अर्नेट के अनुसार, वह लंबे समय से प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे और अंतिम समय में परिवार व करीबी मित्र उनके साथ मौजूद थे।
पीटर अर्नेट को 1966 में वियतनाम युद्ध की रिपोर्टिंग के लिए एसोसिएटेड प्रेस (एपी) की ओर से अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग का पुलित्जर पुरस्कार मिला था। वायर सेवा संवाददाता के रूप में उन्होंने 1962 से 1975 तक वियतनाम युद्ध को बेहद करीब से कवर किया। हालांकि उस दौर में वे मुख्य रूप से पत्रकारिता जगत में ही पहचाने जाते थे, लेकिन 1991 में पहले खाड़ी युद्ध के दौरान सीएनएन के लिए बगदाद से की गई उनकी लाइव रिपोर्टिंग ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई।
खतरे के बीच पत्रकारिता की मिसाल
पहले खाड़ी युद्ध के दौरान, जब अधिकतर पश्चिमी पत्रकार इराक छोड़ चुके थे, पीटर अर्नेट बगदाद में ही डटे रहे। मिसाइल हमलों और बमबारी के बीच उन्होंने अपने होटल से फोन के जरिए दुनिया को युद्ध की सच्ची तस्वीर दिखाई। यही रिपोर्टिंग उन्हें केबल न्यूज का बड़ा चेहरा बना गई।
एपी की वरिष्ठ संवाददाता रहीं एडिथ लेडरर, जो 1972-73 में वियतनाम युद्ध के दौरान उनकी सहयोगी थीं, ने कहा कि पीटर अर्नेट अपने दौर के सबसे साहसी और विश्वसनीय युद्ध संवाददाताओं में से एक थे। उनकी लेखनी और निर्भीकता आने वाली पीढ़ियों के पत्रकारों को प्रेरणा देती रहेगी।
लंबा और घटनापूर्ण करियर
वियतनाम से पहले अर्नेट ने इंडोनेशिया में एपी के संवाददाता के रूप में काम किया था, जहां आर्थिक हालात पर रिपोर्टिंग के बाद उन्हें देश से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद वियतनाम में उन्होंने युद्ध पत्रकारिता की कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव हासिल किया। 1975 में साइगॉन के पतन के साथ उनका वियतनाम कवरेज समाप्त हुआ।
1981 में उन्होंने एपी छोड़कर सीएनएन जॉइन किया। इसी दौरान उन्होंने सद्दाम हुसैन और ओसामा बिन लादेन जैसे चर्चित चेहरों के इंटरव्यू किए। 1995 में उनकी आत्मकथा ‘लाइव फ्रॉम द बैटलफील्ड’ प्रकाशित हुई। 2003 में इराक युद्ध के दौरान एक विवादित इंटरव्यू के बाद उन्होंने सीएनएन से अलगाव कर लिया। इसके बाद उन्होंने एशिया और यूरोप के कई अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनलों के लिए काम किया और चीन में पत्रकारिता भी पढ़ाई।
निजी जीवन
पीटर अर्नेट का जन्म 13 नवंबर 1934 को न्यूजीलैंड के रिवर्टन में हुआ था। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने स्थानीय अखबार से की थी। सेवानिवृत्ति के बाद वे अपनी पत्नी नीना गुयेन के साथ कैलिफोर्निया में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा बच्चे एल्सा और एंड्रयू हैं।
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