‘एक इंच भी जमीन नहीं लेने देंगे’: अमेरिका को लेकर ईरानी राष्ट्रपति का सख्त बयान

तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हाल ही में दिए अपने बयान पर फैल रही गलतफहमी को दूर करते हुए कहा है कि कुछ ताकतें ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ भाईचारे और दोस्ताना संबंध बनाए रखना चाहता है।
पेजेशकियन ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान पर हमला होता है तो उसे जवाब देना मजबूरी बन जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान किसी पड़ोसी देश से विवाद में है या वहां के लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम भाई हैं और हमेशा पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश करेंगे, लेकिन हम अपने देश की रक्षा के लिए मजबूर होकर जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।”
अमेरिका को सख्त चेतावनी
अमेरिका की लगातार धमकियों के बीच पेजेशकियन ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी एक इंच भी जमीन किसी को नहीं लेने देगा। राष्ट्रपति ने अमेरिका की उस मांग को भी खारिज किया जिसमें बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की बात कही गई थी। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक सपना है और कभी पूरा नहीं होगा।
राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
हमलों और क्षेत्रीय स्थिति पर पेजेशकियन की प्रतिक्रिया
हाल की कुछ रिपोर्टों में यह सुझाव दिया गया था कि ईरान ने खाड़ी देशों पर हमलों को रोकने का निर्णय लिया है। पेजेशकियन ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि हमलों पर जवाब देना मजबूरी है, न कि किसी पड़ोसी देश से विवाद या वहां के लोगों को नुकसान पहुंचाने की इच्छा।
राष्ट्रपति ने खाड़ी के कुछ देशों पर हाल में हुए हमलों को गलतफहमी बताया और कहा कि ईरान भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह निर्णय ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने अनुमोदित किया है।
पेजेशकियन का यह बयान ईरान की विदेश नीति के उस पहलू को दर्शाता है जो क्षेत्रीय स्थिरता और पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों पर जोर देता है, भले ही सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें मजबूर होकर कदम उठाने पड़ें।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.