वाई पूरण कुमार केस: एसआईटी जांच में आईएएस पत्नी ने एफआईआर को अधूरा बताया

हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले की जांच अब चंडीगढ़ पुलिस करेगी। इस जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार करेंगे। टीम में छह सदस्य शामिल हैं, जो इस मामले की सभी पहलुओं की जांच करेंगे।
चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार रात, वाई पूरण कुमार के सुसाइड नोट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि, उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने इस एफआईआर को अधूरा बताया है। उन्होंने महिला एसएसपी कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर सभी आरोपियों के नाम और मामले की सही धाराओं को शामिल करने की मांग की।
परिवार पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं
वीरवार को विदेश से आए वाई पूरण कुमार के भाई और आईएएस डी सुरेश ने सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय में हरियाणा डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा से मुलाकात की। परिवार ने स्पष्ट किया कि तब तक पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा जब तक रोहतक के एसपी और हरियाणा डीजीपी गिरफ्तार नहीं होते। डीजीपी हुड्डा ने इस पर कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी के नेतृत्व में SIT गठन कर दी गई है।
मुख्य सचिव ने परिवार से जताई संवेदना
इस बीच, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और गृह सचिव सुमिता मिश्रा शुक्रवार को आईएएस अमनीत पी कुमार से उनके आवास पर मिले और संवेदना व्यक्त की। इस दौरान आईएएस राज शेखर वुडरू भी मौजूद रहे। बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा बढ़ाई गई
इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा भी आईएएस अमनीत पी कुमार से मुलाकात के लिए उनके आवास पहुंचे और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस मामले में लीपा पोती कर रही है। वहीं, पूर्व मंत्री गीता भुक्कल ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।
सुरक्षा के मद्देनजर सेक्टर-24 स्थित अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास के बाहर अस्थायी पुलिस चेकपोस्ट बनाई गई है। पुलिस ने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
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