सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान के 12 रैट माइनर्स को मिला सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक

HIGHLIGHTS
- नवंबर 2023 में 17 दिनों तक चले बचाव अभियान में रैट माइनर्स ने निभाई थी अहम भूमिका।
- संकरे और जोखिम भरे रास्ते से मलबा हटाकर श्रमिकों तक पहुंचने में मिली थी सफलता।
- गडकरी ने रेस्क्यू ऑपरेशन को सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में से एक बताया।
दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को उत्तराखंड की निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव अभियान में योगदान देने वाले 12 रैट माइनर्स को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया।
नवंबर 2023 में इन रैट माइनर्स ने 17 दिनों तक सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई थी। 4.53 किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग की खुदाई का काम पिछले वर्ष अप्रैल में पूरा किया गया था।
बचाव अभियान को बताया बेहद चुनौतीपूर्ण
यह डबल-लेन सुरंग चार धाम मार्ग पर गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी को 25 किलोमीटर तक कम करने में मददगार साबित होगी। पुरस्कार समारोह के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान को सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में से एक बताया।
उन्होंने कहा कि इस बचाव अभियान पर उच्च स्तर पर लगातार नजर रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे घटनाक्रम की निगरानी की और फंसे हुए श्रमिकों की सुरक्षित निकासी के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
पाइपलाइन बिछाने से मिली अहम कामयाबी
नितिन गडकरी ने बताया कि सुरंग के धंसे हुए हिस्से में पाइपलाइन डालना एक बड़ी सफलता रही। इसके जरिए फंसे हुए श्रमिकों तक भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा सका।
उन्होंने कहा कि रैट माइनर्स ने अपनी इच्छा से संकरे और जोखिम भरे स्थान पर जाकर काम किया और मलबे को हटाने में योगदान दिया, जिससे सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना संभव हो पाया।
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