मलेरिया के मामलों में 97 फीसदी की गिरावट, जल्द बीमारी से मुक्त होगा भारत: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि देश में मलेरिया के मामलों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है और भारत तेजी से इस बीमारी के उन्मूलन की ओर बढ़ रहा है। अहमदाबाद के शेला क्षेत्र में आयोजित भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में मलेरिया के मामलों में करीब 97 प्रतिशत तक कमी आई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय आयुष्मान भारत और मिशन इंद्रधनुष जैसी प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं को दिया।
अमित शाह ने कहा कि डेंगू से होने वाली मौतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है और वर्तमान में इसकी मृत्यु दर लगभग एक प्रतिशत पर सिमट गई है। इसके साथ ही मातृ मृत्यु दर में भी करीब 25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति मजबूत नीतियों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में देश का स्वास्थ्य बजट लगभग 37 हजार करोड़ रुपये था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बढ़कर 1.28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि संसाधनों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता पर पड़ा है, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य स्तर में व्यापक सुधार देखने को मिला है।
उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और विकसित किए जा रहे बुनियादी ढांचे के साथ मिलकर काम करें, ताकि स्वास्थ्य क्षेत्र में और बेहतर परिणाम सामने आ सकें। शाह ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वस्थ समाज की नींव जरूरी है और इस दिशा में चिकित्सकों तथा आईएमए की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से केंद्र सरकार समग्र दृष्टिकोण अपनाकर स्वास्थ्य तंत्र को सशक्त बनाने में जुटी है। स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत, फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के जरिए स्वास्थ्य और जीवनशैली दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने जेनेरिक दवाओं को अधिक किफायती बनाया है, कई आवश्यक दवाओं से जीएसटी हटाया गया है और मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही एम्स का विस्तार किया जा रहा है और भविष्य में टेलीमेडिसिन व वीडियो कनेक्टिविटी के जरिए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन देने की योजना है।
आईएमए की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गृह मंत्री ने संगठन से सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपनी भूमिका को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा में नैतिक मूल्यों को शामिल करने पर जोर देते हुए कहा कि इस दिशा में आईएमए की जिम्मेदारी अहम है।
अमित शाह ने यह सुझाव भी दिया कि आईएमए ऐसे डॉक्टरों का एक पैनल तैयार करे, जो टेलीमेडिसिन के माध्यम से प्रतिदिन कुछ समय जरूरतमंद मरीजों को स्वेच्छा से परामर्श देने को तैयार हों। उन्होंने कहा कि आज केवल बीमारी के इलाज तक सीमित रहने के बजाय ‘वेलनेस’ की अवधारणा को अपनाने की जरूरत है। डॉक्टरों को दवाओं के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और अच्छी आदतों के बारे में भी मरीजों को जागरूक करना चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.
























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.