70 एकड़ में सजेगा दीपों का सागर, अयोध्या में गिनीज रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

अयोध्या में इस बार का दीपोत्सव कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। पहली बार भव्य राम मंदिर का पूरा 70 एकड़ परिसर रोशनी से नहाएगा। मंदिर के चारों ओर फैले करीब चार किलोमीटर के क्षेत्र को डेढ़ लाख दीपों से आलोकित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 19 अक्तूबर की शाम ठीक 5:30 बजे पूरा परिसर दीपमालाओं की जगमगाहट से चमक उठेगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस बार दीपोत्सव को और अधिक भव्य और व्यापक स्वरूप देने का फैसला किया है। अब तक यह आयोजन मंदिर के गर्भगृह और दर्शनपथ तक ही सीमित रहता था, लेकिन अब 70 एकड़ परिसर के पूर्ण रूप से साफ-सुथरे और विकसित होने के बाद इसे संपूर्ण क्षेत्र में मनाने की योजना बनाई गई है। मंदिर निर्माण का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और कई नए प्रकल्प भी तैयार हो चुके हैं। इसी को देखते हुए ट्रस्ट ने दीपोत्सव को नए स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है। मंगलवार की देर शाम ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड टीम भी अयोध्या पहुंची
दीपोत्सव की इस भव्यता को दर्ज करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम भी अयोध्या पहुंच चुकी है। टीम के कंसल्टेंट निश्चल बरोट के अनुसार, इस बार दो नए विश्व रिकॉर्ड बनाए जाएंगे। उनके साथ 30 सदस्यों की टीम आई है, जिन्हें विभिन्न घाटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है और नए सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आसमान में 1,100 ड्रोन दिखाएंगे रामकथा के दृश्य
दीपोत्सव की शाम को श्रद्धालुओं को आधुनिक तकनीक के साथ आध्यात्मिकता का संगम देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 26 लाख दीपों की आभा भक्ति और उत्साह का प्रतीक बनेगी। इसके साथ 1,100 स्वदेशी ड्रोन आसमान में ‘रामायण’ के प्रमुख प्रसंगों की झलकियां पेश करेंगे। इसके अलावा कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3डी होलोग्राफिक लेजर शो भी भक्तों को अनूठा अनुभव देंगे। पर्यटन विभाग ने ये शो आम जनता के लिए 18 और 19 अक्तूबर को आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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