मतदाता सूची में जोड़ा जाए जाति कॉलम, भाजपा समाज में नफरत फैला रही है: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में मतदाता सूची में जाति से संबंधित कॉलम जोड़ा जाना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर भी तीखे प्रहार किए और कहा कि “ChatGPT के अनुसार, आरएसएस ने ऐसा माहौल तैयार किया था, जिसके चलते नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की।”
अखिलेश यादव शुक्रवार को सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भाजपा समाज में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का कार्य कर रही है और सत्ता में आने के बाद सपा सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर एक तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी।
पटेल और नरेंद्र देव की जयंती पर भाजपा पर निशाना
प्रदेश सपा मुख्यालय में सरदार वल्लभभाई पटेल और समाजवादी चिंतक आचार्य नरेंद्र देव की जयंती मनाई गई। इस दौरान अखिलेश ने कहा कि “सरदार पटेल का जो रास्ता था, वही पीडीए (प्रगतिशील दल गठबंधन) का रास्ता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पटेल के विचारों से खिलवाड़ कर रही है।
अखिलेश ने यह भी याद दिलाया कि सरदार पटेल ने नफरत फैलाने के आरोप में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था।
“विकास दुबे की गाड़ी इसलिए पलटाई गई कि सरकार न पलट जाए”
अखिलेश यादव ने कहा कि कुख्यात अपराधी विकास दुबे की गाड़ी इसलिए पलटाई गई थी ताकि उसके खुलासों से सरकार न गिर जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कानपुर के अखिलेश दुबे को भी सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने दीपोत्सव पर अपने बयान को मीडिया द्वारा “तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने” का आरोप लगाया।
“भारत में जातिगत भेदभाव की मिसाल दुनिया में नहीं”
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत में जाति के आधार पर जितना भेदभाव हुआ है, वैसा दुनिया के किसी और देश में नहीं देखा गया। उन्होंने मेरठ में दुकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर कहा कि “भाजपा सरकार वोट देने वालों को रिटर्न गिफ्ट दे रही है।”
नेहरू पर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने सवाल किया, “अगर नेहरू की वजह से कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं हुआ होता, तो भाजपा बताए कि 2014 में और आज भारत का कुल क्षेत्रफल कितना है?” उन्होंने केंद्र सरकार की अमेरिकी टैरिफ नीति पर भी सवाल उठाए।
“रोजगार की गारंटी हो तो अडानी को मुफ्त में दे दें जमीन”
अडानी समूह को लेकर कांग्रेस और जदयू के आरोपों पर अखिलेश यादव ने कहा, “अगर अडानी रोजगार की गारंटी देता है तो बिहार में उसे मुफ्त में जमीन दे दीजिए। लेकिन सरकार उनसे 10,000 नौकरियों का शपथपत्र जरूर ले।”
“कृषि कानूनों को फिर से लागू कर रही है भाजपा सरकार”
अखिलेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पिछले दरवाजे से किसानों के विरोध वाले तीन कृषि कानूनों को दोबारा लागू करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार मंडियों को निजी हाथों में सौंप रही है, जबकि पहले इन्हीं प्रावधानों का विरोध कर कानून वापस लिए गए थे।
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