हम हिंदुओं के खिलाफ नहीं, हिंदुत्व की राजनीति के खिलाफ हैं: TVK नेता आधव अर्जुन

HIGHLIGHTS
- तमिलनाडु की राजनीति में ‘सनातन धर्म’ को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है।
- तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) के महासचिव और राज्य सरकार में मंत्री आधव अर्जुन ने डीएमके नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
- ‘हम हिंदुओं के खिलाफ नहीं, हिंदुत्व की राजनीति के खिलाफ हैं’ आधव अर्जुन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि हिंदुत्व आधारित राजनीति का विरोध करती है।
- उन्होंने कहा कि तमिलनाडु…
तमिलनाडु की राजनीति में ‘सनातन धर्म’ को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) के महासचिव और राज्य सरकार में मंत्री आधव अर्जुन ने डीएमके नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
‘हम हिंदुओं के खिलाफ नहीं, हिंदुत्व की राजनीति के खिलाफ हैं’
आधव अर्जुन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि हिंदुत्व आधारित राजनीति का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति हमेशा सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर आधारित रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर भारत में सनातन धर्म को अलग नजरिए से देखा जाता है, जबकि तमिलनाडु में इसे सामाजिक असमानता के संदर्भ से जोड़ा जाता रहा है। उनके अनुसार, धर्म सभी का सम्मान करता है, लेकिन जब इसे राजनीतिक रूप दिया जाता है तो समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
उदयनिधि के बयान पर सवाल
आधव अर्जुन ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह सनातन धर्म के किस हिस्से का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी लड़ाई किसी धर्म से नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता के खिलाफ है।
यह विवाद तब फिर चर्चा में आया जब उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में कहा था कि “जो सनातन व्यवस्था लोगों में विभाजन पैदा करती है, उसे समाप्त किया जाना चाहिए।”
भाजपा का पलटवार
इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि वे समाज को बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं और लगातार हिंदू भावनाओं को आहत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों को जनता स्वीकार नहीं करेगी।
डीएमके और राजनीति पर आरोप
इसी बीच आधव अर्जुन ने डीएमके पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों को पर्याप्त सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने दावा किया कि अभिनेता विजय के सीमित चुनाव प्रचार ने ही जनता के रुझान को प्रभावित किया, और अगर प्रचार लंबा होता तो परिणाम और भी अलग हो सकते थे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएमके के भीतर आंतरिक गुटबाजी और राजनीतिक असंतुलन की स्थिति है।
तमिलनाडु की बदलती राजनीति
गौरतलब है कि हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में नई पार्टी TVK ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 234 में से 108 सीटें हासिल कीं। हालांकि उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन कई दलों के समर्थन से सरकार बनाने में सफलता मिली। दूसरी ओर राज्य की प्रमुख द्रविड़ पार्टियां सत्ता से बाहर हो गईं।
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