चार दशक बाद चमोली में कांग्रेस ने ब्राह्मण चेहरे पर लगाया दांव, सुरेश डिमरी बने जिलाध्यक्ष

कर्णप्रयाग विकासखंड के डिम्मर गांव के निवासी सुरेश डिमरी को कांग्रेस ने चमोली जिले का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। सुरेश डिमरी के परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि काफी पुरानी है — उनके दादा स्वर्गीय घनश्याम दत्त डिमरी वर्ष 1957 से 1962 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। अब कांग्रेस ने उनके पोते को जिले में कमजोर पड़ी पार्टी को पुनः सक्रिय करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
मंगलवार देर रात घोषित हुई इस नियुक्ति का इंतजार पार्टी कार्यकर्ता लंबे समय से कर रहे थे। लगभग डेढ़ माह पूर्व शुरू हुए संगठन सृजन अभियान के बाद से ही नए जिलाध्यक्ष की घोषणा को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी। पार्टी ने डिमरी को यह जिम्मेदारी उनके राजनीतिक अनुभव और सामाजिक जुड़ाव को देखते हुए दी है। वे इससे पहले जिला पंचायत और बीकेटीसी के सदस्य रह चुके हैं, साथ ही कई सामाजिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने चमोली में लगभग चार दशक बाद ब्राह्मण नेतृत्व पर भरोसा जताया है। वरिष्ठ पत्रकार रजपाल बिष्ट के अनुसार, सुरेश डिमरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को न केवल पटरी पर लाने बल्कि जीत की राह पर दौड़ाने की होगी। कर्णप्रयाग और थराली सीटों पर लगातार दो बार कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल
सुरेश डिमरी की नियुक्ति और गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं ने कर्णप्रयाग, नारायणबगड़ और देवाल में आतिशबाजी और मिठाई वितरण कर खुशी जताई। नगर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों ने जुलूस निकालकर नेतृत्व का स्वागत किया।
कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि गणेश गोदियाल, डॉ. हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, करन माहरा और सुरेश डिमरी जैसे नेताओं की नियुक्ति से पार्टी को प्रदेश और जिला स्तर पर नई ऊर्जा मिलेगी और संगठन और मजबूत होगा।
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