मकर संक्रांति के बाद सपा संगठन में होगा बड़ा फेरबदल, कई जिलाध्यक्षों की होगी छुट्टी

समाजवादी पार्टी मकर संक्रांति के बाद संगठन में व्यापक फेरबदल की तैयारी कर रही है। इस कवायद में कई जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारियां बदली जाएंगी, वहीं प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। पार्टी नेतृत्व यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उठा रहा है, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके। रणनीति के तहत सभी वर्गों और जातियों के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर जोर रहेगा।
पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक-तिहाई से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में उन संभावित उम्मीदवारों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सहित चुनावी तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए जा चुके हैं, जिन्हें आगे टिकट मिलने की संभावना है। इससे संकेत मिलते हैं कि सपा नेतृत्व ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को काफी हद तक आगे बढ़ा दिया है, ताकि चयनित नेताओं को समय रहते बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने का अवसर मिल सके।
सपा की रणनीति यह भी है कि किसी एक जिले में सभी प्रमुख जातियों को टिकट देना संभव नहीं होता, इसलिए संतुलन बनाने के लिए कुछ वर्गों को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा, जबकि अन्य जातियों के नेताओं को संगठनात्मक पदों पर अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मकर संक्रांति के बाद गठित होने वाली प्रदेश और राष्ट्रीय समितियों में ऐसे प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
इसके साथ ही जिन जिलों में किसी खास जाति के नेता को टिकट दिए जाने की योजना है, वहां संगठन में अन्य जातियों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी पर्याप्त स्थान दिया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने यह भी साफ कर दिया है कि एसआईआर या अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों में निष्क्रिय रहे जिलाध्यक्षों को हटाया जा सकता है। सपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, मकर संक्रांति के बाद पार्टी संगठन में बड़े और साफ नजर आने वाले बदलाव देखने को मिलेंगे।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.