अंता उपचुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने किया जोरदार शक्ति प्रदर्शन

बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले रविवार को कांग्रेस और भाजपा ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया के समर्थन में भव्य रोड शो और आमसभा आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
रोड शो जैन तीर्थ बमूलिया से शुरू होकर विभिन्न गांवों से होता हुआ मांगरोल पहुंचा, जहां कृषि उपज मंडी में आमसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान स्थानीय जनता ने कई स्थानों पर स्वागत किया और फूलों की बारिश की।
सभा को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि जनता आज भी कांग्रेस सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को याद करती है। उन्होंने 25 लाख तक के मुफ्त इलाज, स्कूटी योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी पहलों का जिक्र किया। गहलोत ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में शासन प्रणाली ठप्प हो चुकी है और यह केवल ‘टाइम पास पर्ची सरकार’ बनकर रह गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह दल आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट देता है और चुनाव में मत चोरी के जरिए सत्ता हासिल करता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा स्थापित संविधान ने प्रत्येक नागरिक को वोट का अधिकार दिया है, जिसे भाजपा कमजोर करने में लगी है।
भाजपा ने भी अंता में दिखाया दम
वहीं, भाजपा ने भी अंता कस्बे में जोरदार रोड शो निकाला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन के समर्थन में मौजूद रहे। रोड शो बालाजी मंदिर से शुरू होकर सीसवाली तिराहे तक गया, जहां भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह उपचुनाव क्षेत्र के विकास की दिशा तय करेगा और भाजपा सरकार ने प्रदेश में कई नई योजनाओं को लागू किया है, जिनका लाभ अंता क्षेत्र को भी मिलेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि अंता हमेशा से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है और जनता विकास व स्थिरता के पक्ष में मतदान करती रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी क्षेत्र में नई सुविधाओं और योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उपचुनाव का मुकाबला हुआ तीव्र
अंता-मांगरोल उपचुनाव में अब त्रिकोणीय मुकाबला बन गया है। निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा के मजबूत प्रभाव के कारण चुनाव और दिलचस्प हो गया है। दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता ने इस क्षेत्र में चुनावी रण को चरम पर पहुंचा दिया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.