बरेली मर्डर केस: पति ने भाई संग मिलकर की पत्नी की हत्या, पुलिस ने पांच को भेजा जेल

बरेली के नवाबगंज क्षेत्र में वैवाहिक विवाद के चलते मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। ओम सिटी कॉलोनी में रहने वाले अनिल ने अपने छोटे भाई सचिन की मदद से पत्नी अनीता की गला रेतकर हत्या कर दी। रविवार को पुलिस ने पति अनिल, देवर सचिन, सास भगवानदेई, ससुर जमुना प्रसाद और चचिया ससुर महेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सीओ नीलेश मिश्रा के अनुसार, अनिल ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने रोज-रोज के झगड़ों और तानों से तंग आकर यह कदम उठाया।
प्यार से शुरू हुआ रिश्ता, तनाव में बदला
अनीता, अनिल के फुफेरे भाई की साली थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और परिवार के विरोध के बावजूद शादी की। शुरू में अनीता ने कुछ समय अनिल के पैतृक गांव कमुआ में बिताया, लेकिन उसे ससुराल की परंपराएं और सख्ती रास नहीं आईं। वह शहर में रहना चाहती थी, जिसके बाद अनिल ने ओम सिटी कॉलोनी में घर किराए पर ले लिया। यहां उसके छोटे भाई सचिन भी साथ रहने लगे।
धीरे-धीरे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव और शक के कारण दोनों के रिश्ते में खटास बढ़ती गई।
झगड़े ने ली जान
पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह दोनों में तीखी बहस हुई। अनीता के कुछ कटु शब्दों से अनिल का गुस्सा भड़क गया। उसने सचिन को बुलाया, जिसने अनीता के हाथ पकड़ लिए और अनिल ने हंसिये से उसकी गर्दन काट दी। वारदात के बाद दोनों ने घर पर ताला लगाया और बाहर चले गए। शाम को लौटकर अनजान बनने की कोशिश की।
ताले के पीछे खून से लथपथ शव
जब शाम तक घर नहीं खुला, तो पड़ोसियों को शक हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो भीतर अनीता का शव खून से सना मिला। पास में हत्या में इस्तेमाल हंसिया पड़ी थी। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की।
परिवार पर भी कार्रवाई
थाना प्रभारी अरुण श्रीवास्तव के अनुसार, सास-ससुर गांव में थे, लेकिन उन्होंने घरेलू विवादों में कभी दखल नहीं दिया। ऐसे में उन पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया है। अनिल और सचिन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोर्ट में पेशी के दौरान बोला आरोपी
कोर्ट में पेशी के दौरान अनिल लंगड़ाते हुए हवालात से बाहर आया। उसने कहा, “रोज की चिकचिक और तानों ने मुझे तोड़ दिया, उसी गुस्से में सब खत्म कर दिया।”
सीओ नीलेश मिश्रा ने बताया कि घटना पूरी योजना के तहत की गई थी। अनीता पूरी तरह स्वस्थ थी, इसलिए अकेले उसकी हत्या संभव नहीं थी। इसी कारण अनिल ने अपने भाई की मदद ली।
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