केरल में भाजपा का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पहली बार तीन सीटों पर दर्ज की जीत

HIGHLIGHTS
- केरल की राजनीति में इस बार के विधानसभा चुनाव परिणामों ने नया राजनीतिक संकेत दिया है।
- शुरुआती नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में तीन सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी मजबूत की है।
- लंबे समय तक केरल की राजनीति में सीमित प्रभाव वाली मानी जाने वाली भाजपा के लिए यह प्रदर्शन एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
- नेमोम, चथन्नूर और कझाकोट्टम सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।
- नेमोम से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने करीब 4,978 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
- वहीं, चथन्नूर सीट पर बी.ब…
केरल की राजनीति में इस बार के विधानसभा चुनाव परिणामों ने नया राजनीतिक संकेत दिया है। शुरुआती नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में तीन सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी मजबूत की है। लंबे समय तक केरल की राजनीति में सीमित प्रभाव वाली मानी जाने वाली भाजपा के लिए यह प्रदर्शन एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
नेमोम, चथन्नूर और कझाकोट्टम सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। नेमोम से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने करीब 4,978 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, चथन्नूर सीट पर बी.बी. गोपकुमार ने 4,398 वोटों से जीत हासिल की। कझाकोट्टम से वी. मुरलीधरन ने बेहद करीबी मुकाबले में 428 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
भाजपा ने बताया जनादेश को बड़ा संदेश
पार्टी मुख्यालय में प्रतिक्रिया देते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि केरल की जनता ने इस चुनाव में साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि नेमोम और चथन्नूर जैसे क्षेत्रों के नतीजे बताते हैं कि लोग अब विकल्प की राजनीति को स्वीकार कर रहे हैं।
चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि भाजपा राज्य में कोई सीट नहीं जीत पाएगी, लेकिन परिणामों ने उन दावों को गलत साबित किया है।
तीनों सीटों का संक्षिप्त परिणाम
- चथन्नूर: बी.बी. गोपकुमार (भाजपा) – 51,923 वोट, जीत का अंतर 4,398
- कझाकोट्टम: वी. मुरलीधरन (भाजपा) – 46,564 वोट, जीत का अंतर 428
- नेमोम: राजीव चंद्रशेखर (भाजपा) – 57,192 वोट, जीत का अंतर 4,978
केरल में भाजपा की बढ़ती पकड़
केरल की राजनीति लंबे समय से वामपंथी एलडीएफ और कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच केंद्रित रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने लगातार अपनी उपस्थिति बढ़ाई है। 2024 के लोकसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता के बाद अब विधानसभा स्तर पर भी पार्टी का प्रदर्शन चर्चा में है।
विशेषकर नेमोम और चथन्नूर जैसी सीटों पर जीत को भाजपा के लिए संगठनात्मक मजबूती और जनाधार विस्तार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.