लखनऊ में सरकारी जमीन पर बनाई गई मस्जिद पर चला बुलडोजर

लखनऊ: बख्शी का तालाब तहसील के अस्ती गांव में सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनी मस्जिद को प्रशासन ने बुधवार देर रात ढहा दिया। इस कार्रवाई में करीब तीन बुलडोजर, 300 पुलिसकर्मी और अन्य सुरक्षा बल शामिल थे।
अतिक्रमण हटाने की कानूनी प्रक्रिया
करीब तीन दशक पहले अस्ती गांव में गाटा संख्या 648 खलिहान पर मस्जिद बनाई गई थी। इसके खिलाफ बीकेटी तहसीलदार कोर्ट ने 28 फरवरी 2025 को बेदखली का आदेश और 36 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। मस्जिद पक्षकारों ने इस आदेश के खिलाफ अपर जिलाधिकारी न्यायिक कोर्ट में अपील की, जिसे 31 अक्टूबर 2025 को खारिज कर दिया गया।
बाद में मस्जिद पक्षकारों ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी। 25 मार्च को लखनऊ खंडपीठ ने बेदखली पर रोक लगाने से इनकार किया, हालांकि तहसीलदार द्वारा लगाए गए जुर्माने को माफ कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद बनाने वालों को नोटिस जारी किया।
प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन ने शाम से ही गांव के चारों तरफ भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात कर दिया था। देर रात करीब तीन बजे, एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, एसडीएम साहिल कुमार, एडीसीपी ऋषभ रुण्वाल, एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह और तहसीलदार शरद सिंह की मौजूदगी में तीन बुलडोजर से मस्जिद का अतिक्रमण हटाना शुरू किया गया।
करीब ढाई घंटे तक चले आपरेशन के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण को पूरी तरह धराशायी कर दिया।
अतिक्रमण हटाने का मकसद
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकने के लिए की गई। आगामी समय में भी सरकारी संपत्ति पर किसी भी तरह के अवैध निर्माण को रोकने के लिए सतत निगरानी रखी जाएगी।
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