पार्थ पवार को क्लीन चिट, पुणे जमीन मामले में दो अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश

पुणे: पुणे की बहुचर्चित जमीन खरीद मामले में एनसीपी नेता पार्थ पवार को बड़ी राहत मिली है। जांच समिति ने उनकी भूमिका पर कोई अनियमितता नहीं पाई और उन्हें क्लीन चिट दी। वहीं, सौदे में शामिल दो सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
संदिग्ध अधिकारी
जांच समिति का नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खरगे ने किया। रिपोर्ट में हवेली के तहसीलदार सूर्यकांत येवले और असिस्टेंट रजिस्ट्रार रविंद्र तारू की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। दोनों अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और फिलहाल वे जेल में हैं।
मामला क्या है?
मुंढवा, पुणे में स्थित इस जमीन को पार्थ पवार की कंपनी अमेडिया ने खरीदा था। आरोप था कि लगभग 1800 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन केवल 300 करोड़ रुपए में खरीदी गई और 21 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी भी माफ कर दी गई। इस खुलासे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई थी।
जांच और रिपोर्ट
विवाद बढ़ने पर तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सौदे को रद्द करने का ऐलान किया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच का आदेश दिया था। अब जांच रिपोर्ट राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को सौंप दी गई है और इसे जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
रिपोर्ट के आने के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। पार्थ पवार के समर्थक इसे बड़ी जीत मान रहे हैं, वहीं विपक्ष का कहना है कि मामले में कई महत्वपूर्ण सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। सरकार की अगली कार्रवाई और रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.