कर संग्रह बढ़ाने के साथ व्यापारियों का विश्वास जीतें: सीएम योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कर संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में राज्य कर विभाग की भूमिका अहम है, इसलिए विभाग को राजस्व वृद्धि के साथ-साथ भरोसे पर आधारित प्रशासनिक मॉडल विकसित करना होगा।
सोमवार को मुख्यमंत्री राज्य कर विभाग के मुख्यालय, शासन और फील्ड स्तर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कर प्रणाली को सरल, डिजिटल और अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिल, अपील निस्तारण और रिफंड प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी पूरी तरह समाप्त की जाए।
उन्होंने कहा कि विभाग व्यापारियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखे और छोटे कारोबारियों को जागरूक करने के लिए जिला व खंड स्तर पर करदाता सहायता कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग से कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण और वैध व्यापार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
राजस्व संग्रह और प्रदर्शन
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने जीएसटी और वैट मिलाकर कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो संशोधित अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत है। जीएसटी संग्रह में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि महाराष्ट्र पहले और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे।
वहीं, जीएसटी बकाया वसूली में 2,658 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक है। वैट बकाया के रूप में 800 करोड़ रुपये की वसूली दर्ज की गई, जो 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। प्रवर्तन कार्रवाई के जरिए 2,071 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली हुई, जो पिछले वर्ष से 13 प्रतिशत अधिक है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को 1,98,071 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें जीएसटी का लक्ष्य 1,49,956 करोड़ रुपये और वैट का लक्ष्य 48,115 करोड़ रुपये शामिल है। अप्रैल 2026 में 10,896 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है।
जोनवार प्रदर्शन और सख्ती
जोनवार समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2026 में अधिकांश क्षेत्रों में राजस्व वृद्धि दर्ज की गई। गौतमबुद्ध नगर जोन ने 18 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1,506 करोड़ रुपये का संग्रह किया। सहारनपुर जोन में 35.1 प्रतिशत और वाराणसी प्रथम जोन में 33.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री ने कमजोर प्रदर्शन वाले जोनों को विशेष कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी खुद फील्ड में उतरें और व्यापारियों से सीधा संवाद करें।
कर चोरी पर कार्रवाई और अपील निस्तारण
बैठक में बताया गया कि फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई के तहत 477 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और 168 गिरफ्तारियां हुई हैं। 7 नवंबर 2025 को एसआईटी का गठन किया गया था। इसके अलावा 180 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक की गई और 2,250 करोड़ रुपये की मांग सृजित की गई।
वर्ष 2025-26 में जीएसटी की 52,432 और वैट की 11,365 सहित कुल 63,797 अपीलों का निस्तारण किया गया। फिलहाल 20,697 अपीलें लंबित हैं, जिनके समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल प्रशासन और करदाता सुविधा
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश में सबसे अधिक जीएसटी करदाताओं वाला राज्य बन गया है। जीएसटी पंजीकरण का औसत निस्तारण 8 दिन में किया जा रहा है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है।
प्रदेश में रिटर्न दाखिल करने की दर 93 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। रिफंड मामलों का निस्तारण औसतन 27 दिन में हो रहा है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 48 दिन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफंड प्रक्रिया को और तेज और पारदर्शी बनाया जाए ताकि व्यापारियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो।
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