हाई मास्ट पोल से हटाई सीएम योगी की फोटो, एएमयू में उठे सवाल

HIGHLIGHTS
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में हाई मास्ट पोल पर लगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर छात्रों को पसंद नहीं आई।
- छात्रों ने पोल पर लगी सभी प्लेटें हटा दीं, जिन पर सीएम के अलावा एमएलसी और पूर्व कुलपति प्रो.
- तारिक मंसूर की तस्वीर भी थी।
- परिसर और हॉल में लगी थीं 12 लाइट एमएलसी ने विधायक निधि से विश्वविद्यालय परिसर और हॉल में 12 हाई मास्ट लाइट लगवाई थीं।
- यह लाइट एएमयू के सिविल इंजीनियरिंग कालेज चौराहा, यूनिवर्सिटी गेम्स कमेटी, वीमेंस कालेज के अब्दुल्ला हाल, सीईसी और लाइब्रेरी के ब…
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में हाई मास्ट पोल पर लगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर छात्रों को पसंद नहीं आई। छात्रों ने पोल पर लगी सभी प्लेटें हटा दीं, जिन पर सीएम के अलावा एमएलसी और पूर्व कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की तस्वीर भी थी।
परिसर और हॉल में लगी थीं 12 लाइट
एमएलसी ने विधायक निधि से विश्वविद्यालय परिसर और हॉल में 12 हाई मास्ट लाइट लगवाई थीं। यह लाइट एएमयू के सिविल इंजीनियरिंग कालेज चौराहा, यूनिवर्सिटी गेम्स कमेटी, वीमेंस कालेज के अब्दुल्ला हाल, सीईसी और लाइब्रेरी के बीच, गेस्ट हाउस रोड, मिंटो कब्रिस्तान, डॉ. बीआर आंबेडकर हाल, जेएन मेडिकल कालेज (दो लाइट), मोहम्मद हबीब हाल और स्ट्रेची हाल पर लगाई गई थीं। प्रत्येक लाइट का खर्च डेढ़ से दो लाख रुपये बताया गया है। इसके अलावा हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल, आवर लेडी फातिमा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रघुवीर बाल मंदिर, टीकाराम इंटर कालेज, हिंदू इंटर कालेज, केला नगर चौराहा, स्टेट बैंक तिराहा, पुरानी चुंगी, मैरिस रोड और गौंडा ब्लॉक में भी लाइट लगाई गई थीं।
कंपनी ने लगाई थी फोटो प्लेट
लाइट लगाने वाली कंपनी ने पोल पर एक प्लेट भी लगवाई थी, जिसमें निधि का हवाला देते हुए सीएम योगी और एमएलसी की तस्वीरें थीं। यह पहली बार था जब किसी योजना के तहत किए गए विकास कार्य में सीएम की तस्वीर लगाई गई थी। छात्रों को यह व्यवस्था स्वीकार नहीं आई और उन्होंने सभी तस्वीरें हटा दीं।
राजनीतिक विवाद
तस्वीर हटने के बाद विवाद भी शुरू हो गया। भाजपा नेता निशित शर्मा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उनका कहना है कि तस्वीर हटाने वाले छात्र कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े हैं। शर्मा ने कहा कि अगर तस्वीर से आपत्ति थी तो छात्र खुद अपनी पार्टी या निजी खर्च से लाइट लगवा सकते थे। उन्होंने छात्रों पर विश्वविद्यालय की छवि खराब करने का आरोप लगाया और सख्त कार्रवाई की मांग की।
एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम. वसीम अली ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है।
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