कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा, कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए तीखा हमला किया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते कुछ महीनों में लगातार गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
पार्टी की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि पिछले चार महीनों में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में लगातार इजाफा हुआ है, जिसे उन्होंने आम जनता पर बोझ बताया। कांग्रेस के अनुसार जनवरी से मई के बीच अलग-अलग तारीखों पर सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कुल मिलाकर कीमतों में बड़ा उछाल आया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों से व्यापारियों और छोटे कारोबारियों पर असर पड़ रहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि पहले छोटे सिलेंडरों से लेकर अब कमर्शियल गैस तक महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण में नाकाम रही है।
वहीं दूसरी ओर, सरकारी तेल कंपनियों द्वारा 1 मई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये हो गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह 913 रुपये में उपलब्ध है।
तेल विपणन कंपनियां हर महीने की शुरुआत में ईंधन और एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। वैश्विक बाजार में अस्थिरता, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई पर असर को इस बढ़ोतरी का कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी आपूर्ति बाधाओं का असर अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार पर भी पड़ा है।
पिछले कुछ महीनों में भी एलपीजी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इससे पहले मार्च और अप्रैल में भी कमर्शियल और घरेलू दोनों श्रेणियों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
अगर प्रमुख शहरों की बात करें तो नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर 3071 रुपये, कोलकाता में 3202 रुपये, मुंबई में 3024 रुपये और चेन्नई में 3237 रुपये तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से व्यावसायिक उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रही है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं झेलना पड़ रहा है।
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