दिल्ली में कारोबारी से 25 लाख की ठगी, नोटों की जगह थमा दी रद्दी, पीड़ित ने खुद पकड़े आरोपी

राजधानी दिल्ली के मुंडका इलाके में एक शीशा कारोबारी के साथ 25 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। बदमाशों ने पेमेंट के नाम पर नोटों की गड्डियों के बीच रद्दी कागज रखकर बैग सौंप दिया और फरार हो गए। जब कारोबारी ने घर पहुंचकर रकम की जांच की तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
मामले में पुलिस से तत्काल मदद नहीं मिलने पर पीड़ित ने खुद जाल बिछाया और दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सराय रोहिल्ला थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनराज भाभु और सुनील कुमार लखेसर के रूप में हुई है।
पश्चिम बंगाल से दिल्ली कारोबार करने आते हैं पीड़ित
पीड़ित कारोबारी हिमांशु गोयल पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी निवासी हैं। उनका मुंडका क्षेत्र में शीशे और हार्डवेयर का गोदाम है। वह समय-समय पर कारोबार के सिलसिले में दिल्ली आते रहते हैं।
हिमांशु के अनुसार, 24 अप्रैल को एक पुराने ग्राहक ने उनसे करीब 28 लाख रुपये के माल का ऑर्डर दिया। रकम ज्यादा होने के कारण उन्होंने एडवांस पेमेंट मांगी। ग्राहक ने उन्हें एक व्यक्ति का नंबर दिया और बताया कि वह 25 लाख रुपये नकद भुगतान करेगा।
नोटों की गड्डी में ऊपर असली, नीचे रद्दी
28 अप्रैल को एक व्यक्ति ने संपर्क कर उन्हें विकासपुरी पीवीआर के पास पेमेंट लेने बुलाया। कारोबारी ने अपना कर्मचारी विपिन रकम लेने भेजा। वहां बैग खोलकर केवल ऊपर से नोट देखे गए, जिसमें 500-500 रुपये के नोट नजर आ रहे थे।
घर पहुंचने के बाद जब बैग की गड्डियां चेक की गईं तो ऊपर कुछ असली नोट थे, जबकि बाकी हिस्से में रद्दी कागज भरे हुए थे। इसके बाद कारोबारी ने मुंडका थाने में शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने खुद रचा जाल
ठगी के बाद हिमांशु ने खुद आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई। दूसरे नंबर से संपर्क कर एक और माल की पेमेंट का बहाना किया गया और आरोपियों को 10 लाख रुपये देने के नाम पर शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन बुलाया गया।
जैसे ही आरोपी वहां पहुंचे, पीड़ित पक्ष ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने मोबाइल और रद्दी बरामद की
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और ठगी में इस्तेमाल की गई रद्दी से भरी नकली गड्डियां बरामद की हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि जिस ग्राहक ने माल का ऑर्डर दिया था, उसे इस ठगी की जानकारी नहीं थी।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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