यूपी में बढ़ी बिजली की मांग, 30 हजार मेगावाट के पार पहुंची खपत

उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार रात प्रदेश में बिजली खपत 30,160 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस मौसम के दौरान एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। तेज लू और बढ़ते तापमान के कारण उपभोक्ता अधिक बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में इसी तारीख को अधिकतम मांग 27,478 मेगावाट थी, जबकि 2025 में यह बढ़कर 28,858 मेगावाट तक पहुंच गई थी। इस वर्ष यह आंकड़ा 30 हजार मेगावाट से भी ऊपर चला गया है। हालांकि यह मांग महाराष्ट्र के 31,858 मेगावाट की तुलना में थोड़ी कम रही।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नए सबस्टेशनों के निर्माण और वितरण तंत्र के सुदृढ़ीकरण से बढ़ती मांग को पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों को इस चुनौतीपूर्ण समय में सतर्क रहकर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी बीच खाद्य एवं रसद विभाग और नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पांडेय ने गेहूं खरीद, राशन वितरण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाएं पारदर्शिता और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाएं।
मंत्री ने कहा कि गेहूं क्रय केंद्रों पर सभी आवश्यक संसाधन 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी किसान को असुविधा न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान राशन वितरण प्रणाली की समीक्षा में मंत्री ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को समय पर राशन मिलना चाहिए और किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर निरीक्षण करने और शिकायतों को गंभीरता से निपटाने के निर्देश दिए।
गैस आपूर्ति और ई-पॉस सिस्टम के माध्यम से चल रही वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई, जिसमें सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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