गंगा स्नान और भक्ति में लीन श्रद्धालु, तंबुओं में तब्दील हुई शुकदेव नगरी

मुजफ्फरनगर। भागवत भूमि शुकतीर्थ में कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले के दौरान श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। गंगा तट से लेकर मंदिरों तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरी नगरी तंबुओं के नगर में बदल गई।
मेले में दूर-दराज़ के जिलों- शामली, सहारनपुर, हरिद्वार, बागपत समेत कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कई परिवार भैंसा-बुग्गियों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों से आए और रेत पर तंबू लगाकर अस्थायी रूप से डेरा डाले हुए हैं। हर ओर हवन, भजन और प्रसाद की महक से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा है।
गंगा घाटों पर सुबह से ही स्नान के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद शुकदेव आश्रम, हनुमद्धाम, गणेश धाम, शिव धाम, दुर्गा धाम और मां पीतांबरा धाम में पूजा-अर्चना कर मनोकामनाएं मांगते नजर आए। शुकदेव पीठ स्थित प्राचीन अक्षयवट वृक्ष की परिक्रमा कर धागा बांधने वालों का भी तांता लगा रहा।
शाम होते ही गंगा आरती के समय “हर हर गंगे” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। लेज़र लाइटों और दीपों की छटा से तट दिव्य आभा में नहा गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। महिला घाटों पर महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि कारगिल शहीद स्मारक और शिक्षा ऋषि की समाधि पर भी श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित की।
आश्रमों में चल रहा प्रवचन और सत्संग
मेला क्षेत्र के विभिन्न आश्रमों- दंडी आश्रम, श्री महेश्वर आश्रम, मानव निर्माण योग आश्रम, महाशक्ति सिद्धपीठ, रविदास आश्रम, सतसाहेब आश्रम, अखंड धाम और मां पूर्णागिरी आश्रम में सत्संग, प्रवचन और भजन संध्या के कार्यक्रम चल रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
विभागों की प्रदर्शनी और पुलिस का सघन चेकिंग अभियान
मेला मैदान में स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि, गन्ना और आबकारी विभाग की प्रदर्शनी लगाई गई हैं, जिनमें श्रद्धालुओं को जानकारीपूर्ण साहित्य वितरित किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीओ देवव्रत वाजपेई के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह और मेला कोतवाल विनोद कुमार ने टीम के साथ वाहनों और तंबुओं की तलाशी ली। इस दौरान कुछ भैंसा-बुग्गियों और डेरों से शराब बरामद होने की भी सूचना है।
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