हापुड़ के हरसिंहपुर गांव में कुत्तों का आतंक: सात वर्षीय बच्ची की मौत

हापुड़। जिले के हरसिंहपुर गांव में कुत्तों के बढ़ते हमलों से दहशत का माहौल है। गांव की सात वर्षीय बच्ची ग्रेशी की मंगलवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब 20 दिन पहले कुत्ते ने उसे काटा था, जिसके बाद पैर में संक्रमण बढ़ गया था। लगातार इलाज के बावजूद बच्ची की जान नहीं बच सकी। दो दिन के भीतर गांव में यह दूसरी मौत है, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों है।
परिजनों के अनुसार, 15 सितंबर को कुत्ते ने ग्रेशी को पैर में काट लिया था। उस दिन ही परिवार उसे हापुड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गया, जहां रेबीज का पहला इंजेक्शन लगाया गया। 18 और 22 सितंबर को भी टीके लगाए गए थे, जबकि चौथा इंजेक्शन 13 अक्तूबर को लगना था। इसी बीच घाव में संक्रमण फैलने लगा और पैर में मवाद भर गया।
संक्रमण बढ़ने पर परिवार ने पहले गांव में उपचार कराया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे हापुड़ के एक निजी अस्पताल और फिर मेरठ रेफर किया गया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार रात ग्रेशी ने दम तोड़ दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में दो दिन के भीतर यह दूसरी मौत है। सोमवार को इसी गांव के राजकुमार की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उन्हें गीदड़ ने काटा था। लगातार दो मौतों से गांव में भय का माहौल है और लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग की है।
स्कूल भेजने से डर रहे अभिभावक
गांव में अभिभावक अब बच्चों को स्कूल भेजने से हिचक रहे हैं। कई परिवारों ने बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था की है। छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कुछ माता-पिता खुद छोड़ने जा रहे हैं, जबकि कुछ ने फिलहाल उन्हें घर पर ही रोक लिया है।
सीएमओ ने दिए जांच के निर्देश
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि बच्ची को हापुड़ सीएचसी में रेबीज के टीके लगाए गए थे। उनकी मृत्यु के वास्तविक कारण की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। उन्होंने अपील की कि कुत्ता या बंदर काटने की स्थिति में लोग 24 घंटे के भीतर सरकारी अस्पताल में जाकर रेबीज का इंजेक्शन अवश्य लगवाएं।
चार साल की अवनी के चेहरे पर 60 टांके, एम्स में ढाई घंटे चली सर्जरी
गांव में कुत्ते के हमले का एक और भयावह मामला सामने आया है। मंगलवार को कुत्ते के हमले में घायल चार वर्षीय अवनी का दिल्ली एम्स में ढाई घंटे तक ऑपरेशन चला। डॉक्टरों ने उसके चेहरे पर करीब 60 टांके लगाए हैं। परिजनों ने बताया कि कुत्ते ने बच्ची के चेहरे पर बुरी तरह दांत गड़ा दिए थे—कान, होठ, माथा और गाल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
अवनी के पिता संजय सैनी ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे से दोपहर ढाई बजे तक सर्जरी चली। देर रात बच्ची को गांव लाया गया। आठ दिन बाद उसे दोबारा दिल्ली ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिला प्रशासन को जल्द कदम उठाना चाहिए।
पुलिस ने जाना बच्ची का हाल
घटना की जानकारी मिलने पर हाफिजपुर थाना प्रभारी मनीष चौहान अवनी के घर पहुंचे और बच्ची का हालचाल लिया। उन्होंने उसे फल, चॉकलेट और खिलौने दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने थाना प्रभारी से कुत्तों के बढ़ते हमलों से राहत दिलाने की गुहार लगाई।
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